बिजलीघर शिफ्टिंग के विरोध में धरना दे रहे क्षेत्रवासियों ने बिजलीघर झाझर में नहीं बनने की सूरत में विधानसभा चुनाव बहिष्कार करने की घोषणा की है। साथ ही मुख्यमंत्री के नाम का पत्थर उखाड़ने पर एसई, एक्सईएन, जेई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर क्षेत्रवासियों ने नाराजगी जताई है।
मालूम हो कि बिजलीघर की शिफ्टिंग के विरोध में झाझर, ग्राम इनातपुर, कुटवाया, कपना, चौकी मुतैना, ख्वाजपुर समेत करीब 15 गांवों के ग्रामीण रविवार से अधिवक्ता सतीश के नेतृत्व में बस स्टैंड के पास गांधी चौक में धरना दे रहे हैं। बृहस्पतिवार को धरनारत क्षेत्रवासियों ने झाझर में बिजलीघर नहीं बनने की सूरत में विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की घोषणा की।
क्षेत्रवासियों ने कहा कि बिजलीघर नहीं तो वोट भी नहीं। वहीं, प्रस्तावित बिजलीघर से मुख्यमंत्री के नाम का पत्थर उखाड़ने पर एसई राकेश कुशवाहा, एक्सईएन हरीश बंसल जेई के खिलाफ रिपोर्टदर्ज नहीं होने पर क्षेत्रवासियों में पुलिस के खिलाफ रोष है। धरने में प्रधान जमील खां, महेश शर्मा, राजकुमार भाटी, सत्यपाल भाटी, पप्पन, नरेंद्र सोनी, नरेश सोलंकी मौजूद रहे।
शिफ्टिंग विवाद का जल्द निकलेगा हल : महेश शर्मा
केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि झाझर से बिजलीघर शिफ्टिंग के विवाद का जल्द हल निकाला जाएगा। इस संबंध में उनकी कॉरपोरेशन के अधिकारियों से वार्ता हो रही है। उन्होंने बताया कि ककोड़ में बनने वाले बिजलीघर से झाझर क्षेत्र को अलग से लाइन देने, या फिर झाझर में दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत बिजलीघर बनवाने पर विचार किया जा रहा है।