पुलिस जीप के चालक की हत्या के मामले में दो को दस-दस वर्ष कारावास
बुलंदशहर। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 15 हेमंत कुमार सिंह के न्यायालय ने वर्ष 2010 में चोला चौकी पर तैनात पुलिस जीप के चालक महेंद्र दत्त गौतम की गोवंश से भरी गाड़ी से टक्कर मारकर हत्या के मामले में आरोपी योगेंद्र और धर्मेंद्र को दोषी करार दिया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी वीरपाल सिंह ने बताया कि न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को दस-दस वर्ष सश्रम कारावास और दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
यह था मामला
वादी नरेश कुमार सिंह तत्कालीन चौकी प्रभारी चोला ने नौ फरवरी 2010 को देहात कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई। जिसमें उन्होंने बताया कि रात में वह टीम के साथ चौकी के निकट बैरियर लगाकर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान मुखबिर की सूचना पर एक टाटा 407 गाड़ी, जो कि ककोड़ की तरफ से आ रही थी, को रोकने की कोशिश की। सूचना थी कि उक्त गाड़ी में अवैध रुप से कटान के लिए गोवंशों को लादा गया है। टीम ने जब गाड़ी को रोकने की कोशिश की तो आरोपियों ने पुलिस टीम पर गाड़ी चढ़ा दी। हादसे में चौकी पर तैनात जीप चालक महेंद्र दत्त गौतम टाटा 407 के साथ काफी दूर तक घसीटते हुए चले गए। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने घेराबंदी कर दो आरोपी योगेंद्र व धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। जांच पड़ताल के बाद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी।
सुनवाई के दौरान यह गवाह हुए पेश
मामले में पहला गवाह वादी उपनिरीक्षक नरेंद्र कुमार, दूसरा गवाह उपनिरीक्षक नरेश कुमार, तीसरा गवाह हेडकांस्टेबल जयकरण सिंह, चौथा गवाह उपनिरीक्षक राकेश कुमार, पांचवां गवाह ब्रह्मपाल, छठा गवाह डॉ. संदीप कुमार, सातवां गवाह उपनिरीक्षक ओमप्रकाश और धर्मवीर को बनाया गया था। इनकी गवाही के आधार पर न्यायालय ने आरोपियों को दोषी मानते हुए फैसला सुनाया है।