पहासू बिल घोटाले में घिरे अफसर-बाबुओं की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। चीफ इंजीनियर की फटकार का असर बुलंदशहर से खुर्जा और पहासू तक देखने को मिला। मामले से जुड़ी फाइलों से धूल हटनी शुरू हुई तो जांच अधिकारी से लेकर फर्जीवाड़े में फंसे अफसर-बाबुओं के माथे पर बल पड़ने शुरू हो गए हैं।
बता दें कि खुर्जा खंड के पहासू में लाखों रुपये का बिजली बिल घोटाला हुआ था। चीफ इंजीनियर के निर्देश पर अधीक्षण अभियंता ने एक्सईएन टेस्ट को जांच सौंपी थी। जांच रिपोर्ट भी दे दी गई, लेकिन अफसरों ने इसे दबाए रखा।
अब मामले में चीफ इंजीनियर की नाराजगी के बाद सोमवार को मामले से जुड़ी जांच फाइलों से धूल हटनी शुरू हो गई। एक अफसर तो खुर्जा में अपना दफ्तर छोड़कर जांच अधिकारी के दफ्तर में ही दिनभर डटे रहे। दोनों के बीच बंद कमरे में घंटों गुफ्तगू चलती रही।
अफसरों को पूरे मामले पर कार्रवाई करके सात दिन के भीतर रिपोर्ट चीफ इंजीनियर को सौंपनी है, जिसके कारण अफसर पसोपेश में हैं। तय माना जा रहा है कि फर्जीवाड़े में फंसे बाबुओं और अफसरों पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
मैंने पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है। अब रिपोर्ट पर कार्रवाई करना उच्चाधिकारियों का काम है। खुर्जा के अफसर विभागीय कार्य से उनके दफ्तर आए थे। इस प्रकरण में उनसे कोई बातचीत नहीं हुई। -रामबाबू, एक्सईएन टेस्ट, जांच अधिकारी