बेटे की आस लगाए मां-बाप एक निजी अस्पताल में जन्मी बेटी को छोड़कर चले गए। घर पहुंचे तो कह दिया कि मरा हुआ बच्चा जन्मा था। अस्पताल प्रबंधन ने बच्ची को चाइल्ड लाइन टीम के सुपुर्द कर दिया है।
बेटी बचाने के लिए बेशक कितने ही जागरूकता अभियान चलाया जाए, लेकिन आज भी बेटे की चाहत बेटी की जिंदगी पर भारी पड़ रही है।
जहांगीराबाद के एक दंपति ने नगर के एक निजी अस्पताल में 19 नवंबर को बच्ची को जन्म दिया था। अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार इस बच्ची को ललिता पत्नी पंकज अग्रवाल ने जन्मा था।
बताया गया कि ललिता के पहले से ही चार बेटियां है। दंपति को इस बार बेटे होने की आस थी। 18 नवंबर को प्रसव पीड़ा होने पर ललिता को नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
19 नवंबर को बच्ची का जन्म हुआ तो दंपति के अरमान टूट गए। दंपति बेटी को अस्पताल में ही छोड़कर चले गए। अस्पताल प्रबंधन ने इस बच्ची को देखभाल के लिए चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किया है।