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जिपं अध्यक्ष समेत छह ब्लॉक पर होगा महिलाओं का ‘राज’

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कार्यालय जिला पंचायत। - फोटो : BULANDSHAHR
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जिपं अध्यक्ष समेत छह ब्लॉक पर होगा महिलाओं का ‘राज’
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बुलंदशहर। हाईकोर्ट के आदेश के बाद शासन ने दोबारा आरक्षण सूची बुधवार रात जारी कर दिया। इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष केे आरक्षण में बदलाव हो गया। पहले जहां जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट अनारक्षित थी, वह अब महिला श्रेणी में आरक्षित हो गई है। इसके साथ ही छह ब्लॉक पर भी महिलाएं चुनाव लड़ेंगी।
शासन ने जिला पंचायत अध्यक्ष के आरक्षण की सूची में बदलाव करते हुए जनपद के 16 ब्लॉक प्रमुखों के आरक्षण की सूची भी जारी कर दी है। जिला पंचायत की सीट जहां महिला वर्ग के लिए आरक्षित की गई है। वहीं, ब्लॉक प्रमुख पद के लिए अनुसूचित जाति में एक महिला व दो पुरुष, ओबीसी में दो महिला व दो पुरुष और तीन सीट महिला के साथ ही छह अनारक्षित रहेगी।
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अब जिला प्रशासन यह तय करेगा कि किस ब्लॉक पर किस जाति की महिला या फिर पुरुष के लिए सीट आरक्षित की जाएगी। वहीं, दूसरी ओर प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम पंचायत सदस्य पूर्व में जारी सूची के अनुसार ही आरक्षण 1995 के स्थान पर 2015 के आरक्षण को आधार मानते हुए तैयार होगा। इस बार भी जनपद की 951 ग्राम पंचायतों का आरक्षण होना है, जबकि इनसे से पांच ग्राम पंचायतों पर चुनाव नहीं होगा। यह ग्राम पंचायत गौतमबुद्धनगर में शामिल हो चुकी हैं। इसलिए चुनाव 946 ग्राम पंचायतों में ही होगा। बताया गया कि 951 ग्राम पंचायतों में से 322 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित, अनुसूचित जाति की 73, ओबीसी की 92 और सामान्य की 157 सीट शामिल हैं। जबकि शेष सीट अनारक्षित हैं। इसी तरह जिला पंचायत सदस्य के लिए 52 वार्ड, क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए 1315 और 12,147 ग्राम पंचायत सदस्य का भी दोबारा आरक्षण होना है।
22 मार्च तक जिला प्रशासन जारी करेगा सूची
20 से 22 मार्च तक आरक्षित ग्राम पंचायत प्रधानों, क्षेत्र पंचायत प्रमुखों का आवंटन, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत, ग्राम पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र के आरक्षण एवं आवंटन की प्रस्तावित सूची का जिला मजिस्ट्रेट के स्तर से प्रकाशन होगा। उसके बाद 20 से 23 मार्च तक प्रस्तावों पर आपत्ति प्राप्त की जाएंगी। जिसके बाद 24 से 25 मार्च तक जिला मुख्यालय पर जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में एकत्रित आपत्तियाें का जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित टीम द्वारा निस्तारण किया जाएगा। वहीं, 26 मार्च को जिला मजिस्ट्रेट की ओर से आरक्षित ग्राम पंचायतों के प्रधानों, क्षेत्र पंचायत प्रमुखों का आवंटन, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत, ग्राम पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र के आरक्षण एवं आवंटन की अंतिम सूची का प्रकाशन होगा। साथ ही पंचायती राज निदेशालय और जिला निर्वाचन अधिकारी को विवरण उपलब्ध कराना होगा।
दोबारा आरक्षण सूची तैयार करने में जुटे अफसर
बुलंदशहर। पंचायत चुनाव के लिए शासन ने फरवरी में प्रधान समेत सभी पदों का आरक्षण जारी करने के लिए आदेश जारी किया था। इस आदेश के तहत 1995 से 2015 तक के बीच हुए चुनाव में आरक्षित सीटों के आधार पर ही आरक्षण तैयार करने के आदेश दिए थे। जिला प्रशासन ने आरक्षण तैयार कर उसकी अनंतिम सूची जारी करने के बाद प्राप्त हुई 522 आपत्तियों का निस्तारण कर अंतिम सूची जारी करने की तैयारी कर ली थी। इसी बीच हाईकोर्ट ने आरक्षण की अंतिम सूची पर रोक लगा दी। इसके बाद हाईकोर्ट ने शासन को वर्ष 2015 के आरक्षण के आधार पर ही प्रधान समेत सभी पदों पर दोबारा आरक्षण तैयार करने के आदेश दिए हैं। इस आदेश का कई दिन से सभी इंतजार कर रहे थे। लेकिन अब यह आदेश मिलने के साथ ही विभागीय अधिकारी दोबारा आरक्षण सूची तैयार करने में जुट गए हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी नंदलाल ने बताया कि शासन के आदेश पर दोबारा आरक्षण का काम जारी समय सारिणी के अनुसार ही होगा।
नए आदेश से 40 फीसदी तक बदल जाएगी आरक्षण सूची
बुलंदशहर। हाईकोर्ट के आदेश पर दोबारा आरक्षण के लिए सूची तैयार होने पर अब पहले जारी की गई आरक्षण सूची से करीब 40 फीसदी तक बदल जाएगा। यह बात अफसर भी स्वीकार कर रहे हैं। वहीं, आरक्षण तैयार करने के आदेश जारी होते ही लोगोें का अधिकारियों से संपर्क तेज हो गया है। पूर्व में चुनावी मैदान में उतरने से वंचित ऐसे लोग जिला मुख्यालय से लेकर लखनऊ तक जुगाड़ लगाने में जुट गए हैं।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का शासन ने पहले वर्ष 1995 से 2015 तक जारी हुए आरक्षण के आधार पर तैयार करने के आदेश दिए थे। इसके तहत जब आरक्षण की अनंतिम सूची जारी हुई तो अनेक ग्राम पंचायतों में लंबे समय से चुनावी रण में कूदने की तैयारी करने वालों के मंसूबे पर पानी फिर गया था। लेकिन अब हाईकोर्ट के आदेश पर प्रधान समेत सभी पदों पर आरक्षण वर्ष 2015 में जारी हुए आरक्षण को आधार बनाकर जारी किया जाएगा। विभागीय अफसरों ने बताया कि अब दोबारा तैयार होने वाले आरक्षण में सबसे ज्यादा प्रधान पद पर 40 फीसदी आरक्षण बदल जाएगा। नए आदेश के तहत पहले जो ग्राम पंचायत महिला के लिए आरक्षित की गई थीं वह अब महिला के लिए आरक्षित नहीं होगी। इसी तरह अन्य वर्ग के लिए जारी की सीटों में भी बदलाव होगा। दोबारा आरक्षण तैयार करने के लिए वर्ष 2011 की जनगणना को भी आधार बनाया जाएगा। ऐसे में पहले चुनाव से वंचित रह गए लोगों ने एक बार फिर अधिकारियों से संपर्क तेज कर दिया है।
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