दो बच्चों से अधिक वालों के पंचायत चुनाव लड़ने पर लग सकती है रोक
बुलंदशहर। पंचायत चुनाव को लेकर अभी शासन स्तर से कोई आदेश नहीं हुए हैं। बावजूद इसके इच्छुक प्रत्याशी अपनी-अपनी गोटियां बिछा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर दो बच्चों से अधिक वालों के पंचायत चुनाव लड़ने पर रोक लग सकती है। शासन स्तर से यह तैयारी चल रही है। इसकी सुगबुगाहट से प्रत्याशियों में बेचैनी भी बढ़ने लगी है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रत्याशी इसका भी समाधान निकालने में अभी से जुट गए हैं, ताकि चुनाव के दौरान वह चुनाव लड़ने से वंचित न रह जाएं।
पंचायत चुनाव वर्ष 2015 में हुए थे। इसलिए सितंबर-नवंबर में प्रधानों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। वैसे तो अब तक पंचायत चुनाव की सरगर्मी उफान पर होती, लेकिन कोरोना काल के चलते फिलहाल प्रकिया टाल दी गई है। अगले छह माह तक पंचायत चुनाव के कोई आसार नहीं हैं। अलबत्ता समय करीब आते देख इच्छुक प्रत्याशियों ने अपनी सक्रियता जरूर बढ़ा दी हेै। इसी बीच दो से अधिक बच्चे होने पर पंचायत चुनाव लड़ने पर रोक और न्यूनतम शैक्षिक योग्यता पर सरकार के विचार करने की खबर ने प्रधानी हासिल करने का ख्वाब संजोने वालों की नींद उड़ा दी है। चर्चा है कि इस पर शासन स्तर पर तैयारी के साथ विचार-विमर्श चल रहा है। यदि ऐसा होता है तो दो बच्चों से अधिक वालों के पंचायत चुनाव लड़ने पर रोक लग सकती है। जनपद की अधिकतर ग्राम पंचायतों में चर्चा यह भी है कि शासन स्तर पर इस पर चल रहे विचार की सुगबुगाहट के बीच इच्छुक प्रत्याशी इसका समाधान निकालने में भी जुट गए हैं, ताकि चुनाव के दौरान वह चुनाव लड़ने से वंचित न रह जाएं। इतना ही नहीं जो पहले से प्रधान हैं और वह अपनी धाक जमाने के लिए आगे भी प्रधानी की चाह रखे हैं। वह अपने ही परिवार के ऐसे सदस्यों के नाम सामने लाने लगे हैं, जिनके दो बच्चे हैं और पढ़े-लिखे भी हैं। बता दें कि जनपद में 951 ग्राम पंचायत हैं। इन सभी पर पंचायत चुनाव होने हैं। दूसरी ओर जिला पंचायत राज अधिकारी नंदलाल का कहना है कि अभी पंचायत चुनाव के लिए शासन स्तर से कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। यह बात मेरे भी संज्ञान में आई है कि इस बार शासन स्तर पर दो बच्चों से अधिक वाले प्रत्याशी को चुनाव न लड़ने पर विचार कर रही है। इस बार पंचायत चुनाव में शैक्षिक योग्यता भी निर्धारित की जा सकती है।