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हाईकोर्ट के आदेश के बाद बढ़ीं दावेदारों की धड़कनें

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हाईकोर्ट के आदेश के बाद बढ़ीं दावेदारों की धड़कनें
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बुलंदशहर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के आरक्षण की अंतिम सूची पर लगाई गई रोक के बाद सोमवार को हाईकोर्ट ने वर्ष 2015 को आधार मानकर आरक्षण तैयार करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब जनपद में आरक्षण की तस्वीर बदलने की संभावना प्रबल हो गई है। जनपद में 946 ग्राम प्रधान, 52 जिला पंचायत सदस्य, 16 ब्लॉक प्रमुख, 1315 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 12147 वार्ड सदस्यों के पदों पर आरक्षण को अंतिम रूप दिया जाना है। वहीं, हाईकोर्ट के आदेश के बाद क्षेत्रों में प्रचार में जुटे भावी उम्मीदवारों की धड़कनें बढ़ गई हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां जारी हैं। प्रधान समेत सभी पदों पर होने वाले आरक्षण की गत तीन मार्च को अनंतिम सूची जारी कर दी गई थी। इस पर जनपद से 522 आपत्ति प्राप्त हुई। इन आपत्तियों का जिला प्रशासन ने गत 12 मार्च को निस्तारण भी कर लिया और 15 मार्च को अंतिम सूची जारी करने की भी तैयारी कर ली थी। इस बार शासन ने वर्ष 1995 से लेकर 2015 तक हुए आरक्षण के आधार पर सभी पदों का आरक्षण जारी करने का निर्देश दिया था। जिला प्रशासन ने भी इसी आदेश के तहत आरक्षण को तैयार कर गत दिनों सूची जारी कर दी। इसी बीच एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने गत दिनों आरक्षण की अंतिम सूची जारी करने पर रोक लगा दी। सोमवार को कोर्ट ने प्रधान समेत सभी पदों का आरक्षण वर्ष 2015 के आरक्षण को आधार मानकर तैयार करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब जनपद में आरक्षण की तस्वीर बदलने की प्रबल संभवना है। जिला पंचायत राज अधिकारी नन्दलाल ने बताया कि आरक्षण को लेकर शासन के आदेश पर कार्य किया जाएगा।
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कहीं खुशी तो कहीं गम, रसूखदार हुए सक्रिय
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट की ओर से जो आदेश जारी किया गया है। उससे कहीं खुशी है तो कहीं गम है। वहीं, रसूखदार भी सक्रिय हो गए हैं। उन्हें आस है कि अब दोबारा आरक्षण तैयार होने पर उनके अरमान पूरा हो जाएंगे। वहीं, दूसरी ओर इस बार जारी किए गए आरक्षण को लेकर चुनाव की तैयारियों में जुटे दावेदारों की बेचैनी बढ़ गई है। चर्चा शुरू हो गई है कि कहीं ऐसा न हो कि आरक्षण बदल जाए और उनकी तैयारी धरी रह जाएगी।
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