प्रदेश के मुखिया द्वारा रमजान माह में सहरी और इफ्तार के वक्त बिजली आपूर्ति के आदेश हवाई साबित हुए हैं। सीएम के आदेशों को ठेंगा दिखाकर रमजान में जमकर कटौती की गई। बिजली आपूर्ति के समय उपभोक्ता लो वोल्टेज की समस्या से भी जूझते रहे।
एक माह से बिजली आपूर्ति के अखिलेश सरकार के सारे दावे हवाई साबित हुए हैं। जिलेभर में जमकर बिजली कटौती हुई। मुख्यमंत्री के इस दावे का भी कहीं भी असर नहीं दिखा कि सहरी और इफ्तार के वक्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इन आदेशों का पूरे माह कहीं भी पालन होता नहीं दिखा।
सहरी और इफ्तार के वक्त जिले में कहीं भी बिजली आपूर्ति नहीं रही। जुमा-ए-अलविदा पर भी जिले में अंधाधुंध कटौती हुई। न तो जिला मुख्यालय पर और न ही तहसील, कस्बा और गांव स्तर पर बिजली आपूर्ति हुई। बुलंदशहर में रात नौ से एक बजे तक कटौती की गई। इसके अलावा अनूपशहर, औरंगाबाद, जहांगीराबाद, शिकारपुर, पहासू, छतारी, गुलावठी आदि जगहों पर पूरी रात बिजली गुल रही। बिजली आपूर्ति के समय भी उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
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कोट्स
लोकल स्तर से कटौती नहीं की जा रही है। बिजली कटौती ऊपर से हो रही है। कंट्रोल रूम को लिखा जा रहा है कि इमरजेंसी रोस्टिंरिंग कम की जाए। - राकेश कुशवाहा, अधीक्षण अभियंता