खुर्जा। जटिया चिकित्सालय और महिला चिकित्सालय में दो दिन के अवकाश के बाद मंगलवार को ओपीडी शुरू हुई। ऐसे में मरीजों की संख्या काफी ज्यादा रही। इलाज के लिए मरीजों को दो से तीन घंटे का इंतजार करना पड़ा।
खुर्जा के जटिया अस्पताल में रोजाना लगभग 600 मरीजों की ओपीडी होती है। इसमें फिजिशियन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, ईएनटी, दंत रोग विशेषज्ञ की ओपीडी संचालित है। वर्तमान में बुखार का प्रकोप अधिक बढ़ रहा है। इसी के चलते अस्पताल में फिजिशियन की तीन ओपीडी चल रही है। रविवार और सोमवार को गांधी जयंती के चलते अवकाश था। इसी के चलते दो दिन अस्पताल में ओपीडी सुचारू रूप से नहीं चल सकी।
मंगलवार सुबह आठ बजे से ही मरीजों की लंबी कतार लग गई थी। पर्ची काउंटर, ओपीडी कक्ष और दवा काउंटर के बाहर मरीजों की भीड़ रही। एक्स-रे और सीटी स्कैन के लिए भी मरीजों को तीन घंटे का इंतजार करना पड़ा। पैथोलॉजी लैब में 12 बजे तक ही जांच हो सकी। इसके बाद मरीजों को बुधवार को जांच का समय मिला। भीड़ अधिक होने के कारण कुछ मरीज बिना उपचार के ही लौट गए।
यही आलम महिला अस्पताल में देखने को मिला। जहां रोजाना 350 से 400 मरीजों की ओपीडी होती है। वहीं 600 महिलाएं ओपीडी में पहुंचीं। दो ओपीडी के बावजूद ढाई बजे तक महिलाओं की जांच की गई। ओपीडी में महिला मरीजों को दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
रविवार को अवकाश था और सोमवार को आधे दिन की ओपीडी हुई थी। इसी कारण मंगलवार को अधिक मरीज आए थे। बुखार के मरीज रोजाना बढ़ रहे हैं। इसलिए ओपीडी में आए सभी मरीजों की जांच की गई। किसी को वापस नहीं भेजा गया। - डॉ. अनिल शर्मा, सीएमएस, जटिया चिकित्सालय