दीवार गिरते ही वहां भगदड़ मच गई। चढ़त में डांस कर रहे गांव के प्रिंस (10) और धमेडा निवासी संजू (11) दीवार के नीचे दब गए। मलबे में दबे बच्चों को देख शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला। प्रिंस के पिता रिंकू ने बताया कि ईंटें सीने पर गिरने के कारण उसे अंदरूनी गंभीर चोटें आई हैं, जबकि संजू की दोनों टांगों में फ्रैक्चर है। इसके अलावा शिवा गौतम, सम्राट गौतम, निर्देश, पिंदर लोधी और राजू लोधी घायल हैं।
200 डेसिबल का शोर और कानून की अनदेखी : नियमों के मुताबिक, रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर पूर्ण प्रतिबंध है और सामान्यतः 45 डेसिबल तक ही अनुमति होती है। लेकिन यहां नियमों को दरकिनार कर रात 12 बजे के बाद भी तेज आवाज में डीजे बजाए जा रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे गांव के लोग इस शोर से परेशान थे, लेकिन डीजे संचालक और बराती मानने को तैयार नहीं थे।
घटना की सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची थी और डीजे बंद कराए गए। फिलहाल इस मामले में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलते ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- रामकरण सिंह, सीओ स्याना