बराल रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार तड़के ओएचई तार टूटने से मेरठ-खुर्जा रेल मार्ग प्रभावित रहा। संगम एक्सप्रेस समेत दो ट्रेनें घंटों लेट हुईं जबकि रेलवे को चार ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। सूचना पर हापुड़ और मुरादाबाद से पहुंचे इंजीनियरों की टीम ओएचई की मरम्मत में जुटी हुई हैं।
हालांकि इस दौरान चर्चा ओएचई तार के चोरी किए जाने की भी रही जिस पर रेलवे अधिकारी कुछ भी कहने से बचते रहे। रात साढ़े नौ बजे ट्रैक पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें चालू की गईं। शुक्रवार प्रात: लगभग चार बजे एक मालगाड़ी के गुजरते वक्त गेट नंबर 21, 22 के बीच ओएचई तार टूट गया। बाद में डीजल इंजन की मदद से ट्रेन को बराल स्टेशन तक पहुंचाया गया।
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि तार टूटने के कारण प्रात: बुलंदशहर से दिल्ली जाने वाले शटल ट्रेन 54021 करीब डेढ़ घंटा लेट हुई। ओएचई लाइन टूटने के कारण सुबह 7.30 बजे खुर्जा जंक्शन पर पहुंची इलाहाबाद-मेरठ संगम एक्सप्रेस रोक दी गई। टुंडला से डीजल इंजन मंगाकर चार घंटे बाद 11.30 बजे संगम को मेरठ के लिए रवाना किया गया।
दोपहर में जाने वाली दूसरी केएम को निर्धारित समय से ढाई घंटे बाद डीजल इंजन लगाकर रवाना किया गया। मेरठ से खुर्जा जाने वाले पैसेंजर 54402 करीब पांच घंटे लेट हुई। खुर्जा-मेरठ पैसेंजर 54401, मेरठ-खुर्जा पैसेंजर 54404, खुर्जा-मेरठ पैसेंजर 54403 तथा मेरठ-खुर्जा पैसेंजर 54406 को रद्द करना पड़ा। केएम पैसेंजर रद्द होने से यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा।
काफी देर से ट्रेन के इंतजार में बैठे यात्रियों ने एसएम कार्यालय के सामने हंगामा करना शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची जीआरपी और आरपीएफ ने किसी तरह उन्हें समझा-बुझा कर शांत किया और वहां से हटाया। वहीं दूसरी ओर ओएचआई तार टूटते ही खुर्जा स्टेशन पर लगा हूटर बजने लगा। इससे रेल अफसरों में हड़कंप मच गया।
फाल्ट को ठीक करने के लिए स्टेशन से भी ओएचई टावर वैगन में इंजीनियरों की टीम भेजी गई। इलाहाबाद से चलकर मेरठ जाने वाले संगम एक्सप्रेस पहले से चार घंटे लेट चल रही थी। ओएचई लाइन के बाधित होने से चार घंटे और जंक्शन स्टेशन पर ट्रेन रुकी रही। ऐसे में ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा।