विद्युत निगम की लापरवाही से जिंदगी और मौत से जूझ रही बिटिया के मामले में अफसर चौतरफा घिर गए हैं। पहले ही कई जांच का सामना कर रहे अफसरों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
अब पूरे मामले की रिपोर्ट बाल अधिकार आयोग और जिलाधिकारी ने भी तलब कर ली है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर बैठी जांच की मॉनीटरिंग स्वयं एमडी स्तर से हो रही है। बिटिया की हालत के जिम्मेदार तीन बिजली अफसरों पर गाज गिरनी तय बताई जा रही है।
डीएम रोड स्थित झुग्गी पट्टी निवासी अख्तर की 12 वर्षीया बेटी चांदनी हाइटेंशन लाइन की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गई। चांदनी का एक हाथ चिकित्सकों को काटना पड़ा। चांदनी जिंदगी और मौत से जूझ रही है।
अख्तर ने शिकायत की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अखबारों की सुर्खियां बनने के बाद मामले की शिकायत अखिल भारतीय यादव महासभा के सचिव नितिन यादव ने मुख्यमंत्री से की। मुख्यमंत्री ने जांच के निर्देश दिए।
स्वयं कारपोरेशन के एमडी अभिषेक प्रकाश की मॉनीटरिंग में पूरे मामले की जांच चल रही है। अब मामले की शिकायत बाल अधिकारी आयोग में भी की गई, जिसके बाद बाल अधिकार आयोग और जिलाधिकारी ने भी मामले की रिपोर्ट तलब कर ली है। माना जा रहा है कि पूरे मामले में तीन बिजली अफसरों के खिलाफ गाज गिर सकती है।