बच्चों के कोर्स की किताबों के नाम पर लोगों की जेब से कमीशन के तौर पर करोड़ों रुपया निकल चुका है। जिलाधिकारी की सख्ती के बाद जिलेभर के स्कूल प्रबंधक और पुस्तक विक्रेता वाणिज्य कर अफसरों की रडार पर आ गए हैं। सूत्रों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद डीएम के निर्देश पर इनके खिलाफ एफआईआर तक दर्ज हो सकती है।
डीएम ने स्कूल प्रबंधकों और बुक सेलरों की मिलीभगत तोड़ने के लिए वाणिज्य कर अफसरों को जांच के निर्देश दिए हैं। वाणिज्य कर अफसरों ने ताबड़तोड़ छापामार कार्रवाई भी शुरू कर दी है। नगर के 12 बड़े स्कूलों के खिलाफ विभाग की जांच चल रही है।
जांच में कमीशन के खेल का बड़ा खुलासा हुआ है। 12 स्कूल प्रबंधकों को अभी तक 2.94 करोड़ रुपये का कमीशन पहुंचने की बात सामने आ रही है। जिले में एक-एक करके सभी स्कूलों की जांच के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। माना जा रहा है कि कमीशन के खेल में घिरे स्कूल प्रबंधकों और बुक सेलरों पर एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।