फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिता की अर्थी को कंधा देने को एक बेटे को मिली पेरोल

Sun, 16 Apr 2017 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो / बुलंदशहर
विज्ञापन
जेल - फोटो : Demo Pic
विज्ञापन
िता की मौत के बाद अर्थी को कंधा देने के लिए जेल में बंद तीन बेटों में से एक को शनिवार शाम पेरोल मिल गई। जबकि दूसरे बेटे की पेरोल के लिए डीएम गौतमबुद्धनगर के पास जाना पड़ा है। आखिरकार किशनलाल को बेटे के हाथ से मुखाग्नि मिल सकेगी।
विज्ञापन


नगर स्थित स्याहू मंदिर के पास रहने वाले लाला किशन लाल सिंघल के तीन पुत्र दीपक, कुशल व कन्हैया हैं। दीपक को लूट के एक मामले आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। वह बरेली जेल में सजा काट रहा है। किशनलाल ने उसे बेदखल कर दिया था।

नगर के चर्चित सूरज सैनी हत्याकांड में कुशल और कन्हैया दोनों भाईयों को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। कुशल डासना जेल में बंद है, जबकि कन्हैया जिला कारागार बुलंदशहर में बंद है। शुक्रवार दोपहर लाला किशनलाल की मौत हो गई। अर्थी को कंधा और चिता को मुखाग्नि देने के लिए पुत्रों को पेरोल पर बुलाने की मांग हुई। शुक्रवार शाम जिलाधिकारी बुलंदशहर से कुशल व कन्हैया की पैरौल मांगी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें