औरंगाबाद में हाईकोर्ट के आदेश पर एलएमसी की भूमि पर दुकान को तोड़ती जेसीबी मशीन। संवाद
औरंगाबाद। नगर पंचायत क्षेत्र में पांच पक्के मकान-दुकानों के साथ ईंट भट्ठे पर हाईकोर्ट के आदेश पर बुधवार को ध्वस्तीकरण की कारवाई की गई। इस दौरान कब्जाधारकों ने विरोध किया लेकिन अधिकारियों ने उनकी एक न सुनी। अब सात अगस्त को नगर पंचायत के ईओ को हाईकोर्ट ने तलब किया है।
औरंगाबाद निवासी प्रदीप कुमार लोधी की रिट पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेकर नगर पंचायत की गाटा संख्या 1758 की एलएमसी भूमि पर बने पांच पक्के मकानों दुकानों और ईट भट्टे से अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के निर्देश दिए थे। अवैध निर्माण को ध्वस्त न करने पर सात अगस्त को नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी रोहित सिंह को हाईकोर्ट ने तलब किया है।
हाईकोर्ट के तल्ख आदेश को देखते हुए बुधवार की दोपहर एसडीएम सदर अंगद यादव, नायब तहसीलदार संदीप कुमार गौरव, नेहा गुप्ता, कानूनगो सुंदर भाटी, सुरेशचंद, नगर पंचायत के ईओ, कई लेखपाल समेत औरंगाबाद, खानपुर, अगौता समेत अन्य थानों के साथ पीएसी के जवान तैनात रहे। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से पहले मौके पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई।
एसडीएम ने अपनी मौजूदगी में मकानों दुकानों को तुड़वाना शुरू किया तो निर्माणकर्ताओं ने विरोध किया। अधिकारियों ने विरोध को दर किनार करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त करा दिया गया। साथ ही ईंट भट्ठा की चिमनी को भी गिरा दिया।