बुलंदशहर। नगर के काला आम चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल में दो अप्रैल को ऊंचागांव क्षेत्र निवासी हैदर का हर्निया का ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ गई। आरोप है कि चिकित्सक ने उसे रेफर करने की बजाय छुट्टी देकर घर भेज दिया। आजाद अधिकार सेना ने इस मामले में मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की थी। आयोग ने मामले का संज्ञान लिया है और 15 सितंबर को जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तलब किया है।
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेंद्र सिंह राणा ने बताया कि 20 वर्षीय हैदर को राइट इंगुइनल हर्निया था। ऑपरेशन के बाद उसके शरीर में सूजन, असहनीय दर्द, फ्लूइड कलेक्शन और ऑपरेशन वाला स्थान नीला पड़ गया। हैदर के पिता चाय की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
आजाद अधिकार सेना ने मामले की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच, दोषी चिकित्सक पर कार्रवाई और पीड़ित का सरकारी खर्च पर निशुल्क इलाज व क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की थी। आयोग ने 19 मई को आदेश जारी कर 28 जुलाई तक जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट न मिलने पर आयोग के सदस्य ब्रज भूषण ने दोनों अधिकारियों को 15 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर मामले की रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।