बेसिक शिक्षा विभाग घुमंतू और बाल श्रमिकों की शिक्षा को लेकर सजग हो गया है। बीएसए ने घुमंतू और श्रमिकों के बच्चों को पढ़ाने का निर्णय लिया है। बीएसए ने ऐसे 66 बच्चों की चिन्ह्ति किया है जो अब तक स्कूल नहीं पहुंचे थे। सोमवार से नुमाइश ग्राउंड के बैरन हॉल में ये बच्चे शिक्षा ग्रहण करेंगे।
बता दें कि छह से 14 वर्ष तक के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा का अधिकार प्राप्त है। हर साल बेसिक शिक्षा विभाग ईंट-भट्टों पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चों, होटलों में काम करने वाले बच्चों, घुमंतू बच्चों को चिन्ह्ति कर स्कूलों में प्रवेश दिलाते है, लेकिन नतीजा हर वर्ष सिफर रहता है।
इस बार बीएसए धर्मेंद्र सिंह ने घुमंतू और बाल श्रमिकों के 66 बच्चों को चिन्ह्ति कर पढ़ाने का निर्णय लिया है। सोमवार से नुमाइश ग्राउंड के बैरन हॉल में इन बच्चों की क्लास चलेगी। इस कार्य में विभाग के कई अफसर और बाबुओं का भी विशेष सहयोग रहेगा।
बीएसए धर्मेंद्र सक्सेना ने बताया कि विभाग ने घुमंतू और बाल श्रमिकों को शिक्षा देने की पहल की है। इसके लिए नुमाइश ग्राउंड के बैरन हाल में बच्चों की क्लास चलाने का निर्णय लिया है। इसके लिए शिक्षकों को भी तैनाती दे दी गई है। विभाग की ओर से घूमंतु और बाल श्रमिकों की तलाश जारी है। इस तरह ऐसे बच्चों को ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में प्रवेश दिलाकर शिक्षा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।