डीएम की सख्ती के बावजूद जिले में नौ दिन बीत जाने के बाद भी महज 23 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो पाई है। जबकि गेहूं खरीद का लक्ष्य 15 जून तक 1.04 लाख एमटी रखा गया है। विपणन विभाग के रिकार्ड के हिसाब से जिले में अब तक महज तीन क्रय केंद्रों पर ही खरीदारी शुरू हो पाई है।
शेष 92 केंद्रों पर अब तक खाता तक नहीं खुल पाया है। इनमें से भी अभी कई जगह क्रय केंद्र वजूद में ही नही आए हैं। डीएम ने साफ कर दिया है कि सोमवार तक जिले के सभी क्रय केंद्रों पर खरीदारी शुरू नहीं हुई तो कार्रवाई की जाएगी।
जिले में गेहूं खरीद के लिए 95 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इनमें से महज तीन क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद हुई है। शेष 92 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीदा ही नहीं गया है। ऐसे में आप समझ सकते हैं कि गेहूं खरीद के लक्ष्य का आने वाले दिनों में क्या हाल होने वाला है।
जबकि प्रशासन की तरफ से जिले में 15 जून तक 1.04 लाख एमटी गेहूं खरीदा जाना है। गेहूं खरीद के नौ दिन बीत चुके हैं। नौ दिन में सिर्फ 23 एमटी गेहूं की खरीदारी हो पाई है। वहीं, क्रय केंद्रों की सुस्ती को लेकर डीएम आंजनेय कुमार सचेत हो गए हैं।
डीएम ने कहा है कि सोमवार तक हर हाल में सभी क्रय केंद्रों को गेहूं खरीद शुरू करनी होगी। ऐसा नहीं करने वाली एजेंसियों से सख्ती के साथ निपटा जाएगा।
बुगरासी में केंद्र खुलवाने की मांग
कस्बा क्षेत्र के किसानों ने इस बार बुगरासी में ही क्रय केंद्र खुलवाने की मांग की है। क्रय केंद्र बुगरासी से आठ किलोमीटर दूर स्याना है ऐसे में परेशान किसानों ने इस समस्या से निजात दिलाए जाने की मांग एसडीएम से की है।
डिबाई अनाज मंडी में नहीं खुला केंद्र
क्रय-विक्रय समिति का गेहूं क्रय केंद्र नौ दिन बीत जाने के बाद भी नहीं खुला है। खाद्य एवं रसद विभाग के निरीक्षक रोहताश, यूपी स्टेट एग्रो के विपणन निरीक्षक ताहिर अली ने बताया नौ दिन बीत जाने के बाद भी क्रय केंद्र सूने हैं।
गेहूं की खरीद शासन की प्राथमिकताओं में है। जो एजेंसियां गेहूं खरीद में हीलाहवाली कर रही हैं उनसे सख्ती के साथ निपटा जाएगा। एजेंसियों सोमवार तक केंद्रों पर खरीद सुनिश्चित करें अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।-आंजनेय कुमार सिंह, डीएम, बुलंदशहर
वजूद में नहीं कई केंद्र
सूत्रों का कहना है कि जिले में कई केंद्र अभी वजूद में भी नहीं है। कांटा बाट तराजू बौर बैनर तक नहीं टांगे गए हैं। खरीद एजेंसियों से सोमवार से गेहूं खरीदने की उम्मीद करना नादानी होगा।