एनएच-235 के चौड़ीकरण का काम बुधवार को शुरू हो गया। इसके साथ ही यह भी साफ हो गया कि एनएच चौड़ीकरण की जद में आने वाले 12 धार्मिक स्थलों को शिफ्ट किया जाएगा। प्रशासन ने धार्मिक स्थलों का मुआवजा निर्धारित कर दिया है।
बुलंदशहर (भूड़ चौराहा) से मेरठ तक एनएच-235 फोर लेन किया जाना है। जिले की सीमा में हाईवे का 18 किमी. तक चौड़ीकरण होगा, बाकी चौड़ीकरण हापुड़ और मेरठ की सीमा क्षेत्र में होगा। जिले के 17 गांवों में 68 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है।
बुधवार को हाईवे चौड़ीकरण के लिए निर्माण शुरू हो गया। प्रोजेक्ट के तहत गुलावठी आउटर में फोर लेन बाईपास का निर्माण होगा। कार्यदायी संस्था की ओर से जगह जगह हॉट मिक्स प्लांट स्थापित कर दिए गए हैं। जैनपुर, अकबरपुर, कमालपुर और मिट्ठेपुर आदि हाईवे से सटे गांवों में धार्मिक स्थलों को दूसरे स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा।
इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी गई हैं। कुल मिलाकर हाईवे के किनारे 12 धार्मिक स्थल शिफ्ट होंगे। हाईवे चौड़ीकरण होने से हापुड़ और मेरठ का सफर आसान हो जाएगा। बुलंदशहर से मेरठ पहुंचने में एक घंटे की जगह 30 मिनट ही लगेंगे। गुलावठी में बाईपास बनने से जाम का झाम भी काफी हद तक खत्म हो जाएगा।
सर्किल रेट से चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर काफी किसान आरबिटीशिन फाइल कर चुके हैं। आरबीटीशन में फैसला आने के बाद ही एनएचएआई की मंजिल आसान होगी। उधर, जैनपुर के किसानों का कहना है कि उनका गांव 70 साल पुराना है। इसके बावजूद प्रशासन को आवासीय रेट के बजाय कृषि दर के हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा है।
डीएम डा. रोशन जैकब ने एएचएआई अफसरों को सोमवार को चौड़ीकरण कार्य शुरू कराने का आदेश दिया था। चौड़ीकरण को लेकर कही कोई दिक्कत नहीं है। हाईवे से सटे धार्मिक स्थलों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा।