अनुसूचित वर्ग के लोगों ने किया प्रदर्शन
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बुलंदशहर में कोतवाली देहात के गांव धमरावली में गत 20 फरवरी को अनुसूचित वर्ग पक्ष और प्रधान (ठाकुर) पक्ष के लोगों के बीच हुए बवाल में मंगलवार को फिर से नया मोड़ सामने आ गया। सोमवार को प्रधान पक्ष के एसएसपी दफ्तर पर घेराव और कार्रवाई की मांग के बाद मंगलवार को अनुसूचित वर्ग की 50-60 महिलाएं व अन्य ग्रामीण एकत्र होकर प्रदर्शन करते हुए एसएसपी दफ्तर पहुंचे। साथ ही एसएसपी दफ्तर धरना दिया। उन्होंने दस दिन के भीतर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
गत 20 फरवरी को गांव धमरावली में अनुसूचित वर्ग के दूल्हे की घुड़चढ़ी को रोककर मारपीट करने का मामला सामने आया था। देहात पुलिस ने मामले में दूल्हे के पिता की तहरीर के आधार पर प्रधान पक्ष के 29 नामजद और 10 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। साथ ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। वहीं, आक्रोशित प्रधान पक्ष की महिलाओं ने सोमवार को भाकियू महाशक्ति के राष्ट्र अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह के साथ पुलिस कार्यालय पहुंच कर प्रदर्शन किया था। साथ ही एसएसपी को ज्ञापन देकर बताया था कि घटना वाले दिन दूल्हे की घुड़चढ़ी में बहुत तेज आवाज में डीजे बजाया जा रहा था, जिससे बुजुर्ग और बीमार लोग परेशानी महसूस कर रहे थे। डीजे की आवाज कम करने की कहने पर उनके साथ अभद्रता और मारपीट की गई। इसके बावजूद पुलिस ने सिर्फ ठाकुर समाज के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मनमानी कार्रवाई की जा रही है।
ठाकुर पक्ष के प्रदर्शन के खिलाफ मंगलवार को भीम आर्मी के नेतृत्व में गांव धमरावली समेत अन्य आस पास के गांव की अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाएं व पुरुष कलक्ट्रेट गेट से प्रदर्शन करते हुए एसएसपी दफ्तर पहुंच गए। जहां, उन्होंने धरना देना शुरू कर दिया। इस दौरान समाजसेवाी एडवोकेट प्रदीप कुमार अशोक भी वहां पहुंचे और कहा कि समाज के लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है, जिसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस यदि आगामी दस दिन के भीतर आरोपी प्रधान समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती है तो अनुसूचित समाज के लोग आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। साथ ही दूसरे पक्ष पर आरोप लगाया है कि वह पुलिस पर दबाव बनाकर अनुसूचित वर्ग के पीड़ित पक्ष पर ही मुकदमा लिखवाने की कोशिश कर रहे हैं। एसएसपी श्लोक कुमार ने उन्हें निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।