तहसील सदर के गांव काजमपुर देवली और पोंथ में तहसीलदार ने ग्रामसभा की तालाब और कब्रिस्तान की 255 बीघा भूमि को कब्जा मुक्त कराया। कार्रवाई के विरोध में कब्जाधारकों ने विरोध किया तो अफसरों ने धरपकड़ शुरू कर दी। पुलिस ने एक युवक को हिरासत में ले लिया है।
तहसीलदार जीत लाल सैनी रविवार को तालाब, ग्राम सभा और कबिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत पर पुलिस फोर्स के साथ काजमपुर देवली पहुंचे। वहां तालाब की जमीन पर पशुबाड़ा बना हुआ था। करीब 20 परिवारों के सरकारी भूमि पर बोंगे बिटोरे रखे हुए थे। तहसीलदार ने एक एक कार जेसीबी से अतिक्रमण गिरवा दिया।
अतिक्रमण चलता देख कुछ लोग विरोध पर उतर आए तो अफसरों ने सख्त रुख अपना लिया। कार्य में अवरोध पैदा कर रहे एक युवक को हिरासत में ले लिया। इसके बाद सब शांत हो गया। अफसरों ने करीब दो घंटा गांव में सघन अभियान चलाकर पोखर, कब्रिस्तान और ग्राम सभा की भूमि को कब्जा मुक्त कराया।
कब्रिस्तान पोखर और ग्राम सभा की जमीन को खाली कराने का प्रयास पहले भी किया गया था लेकिन विरोध के चलते बात नहीं बन सकी। तहसीलदार ने बताया कि जिन लोगों ने अतिक्रमण किया हुआ था, उनको चिंहित कर लिया गया है।
वहीं औरंगाबाद के गांव पोंथ में 250 बीघा जमीन को मुक्त कराया गया। यहां ग्राम सभा की ढाई सौ बीघा जमीन दबंगों के कब्जे में थी। तहसीलदार ने बताया कि मामला रेवेन्यू कोर्ट में चल रहा था। दो माह पहले कोर्ट ने फैसला प्रशासन के हक में सुना दिया। इसी क्रम में 250 बीघा ग्राम सभा की भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया है।
काजमपुर देवली में ग्राम सभा, कब्रिस्तान और पोखर की चार बीघा और पोंथ में 250 बीघा जमीन को कब्जा मुक्त करा लिया गया है। आगे भी अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी रहेगा। -जीतलाल सैनीतहसीलदार सदर