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Bulandshahar News: आयुष्मान लाभार्थियों को लालच देकर नेशनल हॉस्पिटल कर रहा था फर्जीवाड़ा

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बुलंदशहर। स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान पैनल से जुड़े खुर्जा के नेशनल हॉस्पिटल में फर्जीवाड़ा पकड़ा है। एक महीने में तीन बार की गई जांच में पाया गया कि योजना के लाभार्थियों को रकम देने का लालच देकर बुलाया जाता था। आईसीयू में उनकी फोटो खींचकर पोर्टल में मरीज के भर्ती होने की सूचना अपलोड कर दी जाती थी। इसके बाद मरीज को जनरल वार्ड में भेज दिया जाता था। जांच रिपोर्ट के आधार पर अब इस निजी अस्पताल को पैनल से हटाने की तैयारी की जा रही है।
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अगस्त में स्वास्थ्य विभाग को आयुष्मान पैनल से जुड़े खुर्जा के नेशनल हॉस्पिटल में प्रतिदिन मरीजों को आईसीयू में रखने की सूचना मिली थी। टीम ने अस्पताल जाकर निरीक्षण किया तो वहां 12 मरीज जनरल वार्ड में भर्ती मिले, जबकि अस्पताल संचालक ने पोर्टल पर 26 मरीजों के आईसीयू में भर्ती होने की जानकारी दी थी। मरीजों ने बातचीत में टीम को बताया कि आईसीयू में सिर्फ फोटो खिंचवाई गई थी। इसके बाद टीम ने इसकी रिपोर्ट एक सप्ताह में सीएमओ को सौंप दी थी।
सीएमओ ने संज्ञान में लेकर सितंबर के प्रथम सप्ताह में पांच सदस्यीय टीम गठित कर एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट मांगी। टीम ने निजी अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच की तो आरोप सही निकले। अस्पताल में कोई भी विशेषज्ञ या स्टाफ नहीं मिला। इसकी जगह अप्रशिक्षित लोग संचालन व उपचार करते मिले। आईसीयू में भी कोई उपकरण नहीं मिले। टीम ने मरीजों के बयान दर्ज किए। इसके बाद मामले में जिलाधिकारी से शिकायत हुई।
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डीएम ने एक टीम गठित कर जांच रिपोर्ट मांगी। टीम ने जांच कर अक्तूबर में इसकी रिपोर्ट डीएम को सौंपी। डीएम के आदेश पर सीएमओ ने निजी अस्पताल को योजना से हटाने के लिए स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) संस्था को पत्र भेजा है।
12वीं पास सैफ अली एमडी मेडिसिन बनकर कर रहा था उपचार

नेशनल हॉस्पिटल का संचालक सैफ अली 12वीं पास है। जांंच में सामने आया है कि सैफ अली प्रतिदिन आईसीयू में मरीजों के साथ खड़े होकर अपने आप को एमडी मेडिसिन लिखकर फोटो भेजता था। सैफ के पास कोई प्रोफेशनल डिग्री नहीं मिली।
फर्जी बिल बनाकर कर रहा था गबन
विभागीय जांच में सामने आया कि निजी नेशनल हॉस्पिटल का संचालक सैफ आने वाले मरीजों को रुपये का लालच देता था। उन्हें आईसीयू में भर्ती दिखाकर फर्जी बिल बना रहा था। मरीजों ने भी आईसीयू में फोटो खींचने के नाम पर संचालक के रुपये देने समेत अन्य आरोप लगाए।
हर अस्पताल योजना से जुड़ने का कर रहा था प्रयास
आयुष्मान योजना में वर्तमान में 84 निजी अस्पताल जुड़े हुए हैं। 10 से अधिक निजी अस्पताल जुड़ने के लिए आवेदन कर चुके हैं। इनमें अधिकांश अस्पताल नए हैं, जो योजना के बाद खुले और सिर्फ आयुष्मान मरीजों पर निर्भर हैं। अगर सभी चिकित्सालयों का समय-समय पर निरीक्षण हो तो कई और निजी अस्पतालों में इस तरह का फर्जीवाड़ा निकल कर सामने आ सकता है। पूर्व आईएमए अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल ने भी एक वर्ष पूर्व आयुष्मान योजना से जुड़े निजी अस्पतालों के निरीक्षण करने की मांग की थी लेकिन ऐसा हो नहीं सका।

खुर्जा का नेशनल हॉस्पिटल आयुष्मान योजना के पैनल में शामिल है। यहां 12वीं पास सैफ अपने आप को एमडी बताता है। मरीजों को आईसीयू में ले जाकर फोटो खींच जनरल वार्ड में भर्ती करता था। वह सरकारी धनराशि का गबन करने का प्रयास और सरकार की छवि को धूमिल कर रहा था। अस्पताल को पैनल से हटाने के लिए संस्था को पत्र भेजा है।
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- डॉ. सुनील कुमार दोहरे, सीएमओ
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