पैगंबर मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी करने वाले शख्स कमलेश तिवारी को फांसी पर लटकाने की को लेकर मुस्लिम समाज शुक्रवार को सड़क पर उतर आया।
गम-गुस्से के बीच आक्रोशित युवाओं ने भूड़ चौराहे पर जाम लगा दिया। नतीजतन, एनएच-91 और एनएच-235 पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
शुक्रवार को नमाज-ए-जुमा के बाद बुलंदशहर, अकबरपुर, कमालपुर, दरियापुर, काजमपुर देवली समेत जनपदभर से करीब दो हजार लोग ग्रीन पार्क कालोनी स्थित मदरसा दारूल उलूम फारूकी पर पहुंचे।
यहां से हाथ में बैनर पोस्टर और तख्तियां हाथ में थाम कर लोग हाइवे पर पहुंचे। भूड़ चौराहे पर पहुंचने के बाद भीड़ ने एनएच-235 और एनएच-91 की ओर आने जाने वाले वाहनों के पहियों को थाम दिया।
बाद में करीब दो हजार लोगों की भीड़ हाइवे पर ही बैठ गए। सूचना के बाद एसडीएम सदर विवेक श्रीवास्तव पहुंचे। मुस्लिम समाज के लोगों ने एडीएम को ज्ञापन सौंप और आश्वासन के बाद वापस लौट आए।
बता दें कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। वहीं मस्जिदों में बाकायदा भूड़ पर पहुंचने की अपील की गई।
इस दौरान कारी मोहम्मद तलहा कासमी, मौलाना शफीक उल्लाह ताबिल कासमी का विरोध प्रदर्शन में अहम भूमिका रही।
कारी मोहम्मद तल्हा कासमी, सगीर अहमद, मौलाना सैफूलल्लाह तालिब कासमी, मौलाना सदाकत, मौलाना इरफान, मु. असजद समीर अहमद, मौ. शादाब, मौ. आसिफ, हाफिज असलम, हाफिज अफसर, हाफिज सलाहुद्दीन, हाफिज तहसीन, वकील साबिर अली, नंबरदार काफिल अहमद आदि शामिल रहे।