धूप और गर्मी में भूख-प्यास की परवाह किए बगैर रोजेदारों ने रमजान के पहले जुमे की नमाज अदा की। रोजेदारों ने खुदा बंद करीम से अमनो-अमान की दुआ मांगी और मुफलिसों की मदद की। मस्जिदों में मासूम रोजेदारों की खासी तादाद रही।
शुक्रवार दिन निकलते ही रोजेदारों ने जुमे की नमाज की तैयारी शुरू की। समय से पहल गुस्ल कर रोजेदार मस्जिदोें में पहुंच गए और कुरान की आयतें पढ़ी। शहर की जामा मस्जिद समेत तमाम मसजिदें रोजेदारों से भर गईं। रोजेदारों ने तपती दोपहरी में जुमे की नमाज अदा की।
काला आम, भूड़ चौराहा, मऊखेड़ा, ऊपरकोट, नजीमपुरा, चार यार, कचहरी वाली मस्जिदों में रोजेदारों को जगह नहीं मिली। रोजेदारों ने धूप में खड़े होकर जुमे की नमाज पढ़ी। नमाज के बाद दुआ कराई गई। रोजेदारों ने देश में अमन चैन और खुशहाली की दुआ मांगी।
इस दौरान गर्मी और उमस ने रोजेदारों को परेशान किया। गर्मी और प्यास का असर कम करने के लिए रोजेदोरों को सिर में पानी से तर कपड़े को रखते देखा गया। वहीं शाम को असर की नमाज के बाद रोजेदार इफ्तार के लिए खरीदारी के लिए बाजार मेें निकल गए।
रोजेदारों ने फल, खजूर, सब्जी, मिठाई, दूध डबल-रोटी और बर्फ आदि खरीदा। नमाज के बाद रोजेदारों ने मुफलिस और बेवा महिलाआें की मदद की।