हत्या कर नहर किनारे फेंका आठ वर्षीय बच्चे का शव
छतारी। कस्बे के मोहल्ला आजाद रोड निवासी चिकित्सक फरीद के आठ वर्षीय बच्चे शादाब का उसके पूर्व कंपांडर नाजिर ने अपहरण कर हत्या कर दी। अपहण के 60 घंटे बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर रविवार को अलीगढ़ के जवां थाना क्षेत्र स्थित बरौली नहर के किनारे से शव बरामद किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में दो अन्य लोगों के नाम प्रकाश में आ रहे हैं।
पीड़ित फरीद ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे उनका आठ वर्षीय बेटा शादाब घर के बाहर खेलने गया था। दोपहर करीब ढाई बजे बच्चे को घर के बाहर ही खेलते हुए देखा था। करीब तीन बजे उनके पास दो अज्ञात नंबरों से फोन आया और बताया कि शादाब का अपहरण कर लिया है। इतना सुन फरीद घर के बाहर दौड़ पड़े और देखा कि शादाब गायब था। उन्होंने उस नंबर पर वापस फोन किया तो वह बंद आने लगा। बच्चे के अपहरण होने की खबर सुनकर अन्य परिजन भी घर पर पहुंच गए। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बच्चे की तलाश शुरू कर दी। इसके लिए जिन नंबरों से फोन आया था, उनको ट्रेस पर लगा दिया गया। एसएसपी के निर्देश पर थाना छतारी, साइबर सेल, क्राइम ब्रांच की टीम जांच में जुटी हुई थी। रविवार सुबह करीब दस बजे आरोपियों के नंबर की लोकेशन अलीगढ़ की आई थी। पुलिस टीम लोकेशन पर तलाश करने के लिए रवाना हो गई। जहां दो आरोपियों को हिरासत में लिया। जिनकी शिनाख्त नाजिर निवासी छतारी और शाहिद के रूप में हुई। शाहिद पीड़ित चिकित्सक का पड़ोसी निकला। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो आरोपियों ने बच्चे की हत्या कर शव को नहर किनारे फेंकने की बात कही।
पकड़े जाने के डर से की हत्या
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि शादाब आरोपी नाजिर और शाहिद दोनों को पहचानता था। आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से उसका गला किसी कपड़े से दबा कर हत्या कर दी। इसके बाद उसके हाथ और पैर पीछे की ओर बांध दिए। साथ ही मुंह में भी कपड़ा बांध दिया और एक प्लास्टिक के कट्टे में शव को रखकर नहर में फेंक दिया।
क्लीनिक में नौकरी करता था आरोपी
अपहरणकर्ता नाजिर बच्चे के पिता के क्लीनिक में पूर्व में नौकरी करता था। कुछ दिनों पहले फरीद ने उसको नौकरी से निकाल दिया था। इस कारण वह चिकित्सक से रंजिश मानने लगा और उससे रुपये ऐंठने के लिए आरोपी ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर बच्चे का अपहण कर हत्या कर दी।
फरीद और उसके तीन अन्य भाइयों में इकलौता पुत्र था शादाब
शादाब की मौत के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। बताया गया कि फरीद मूल रूप से पहासू के रहने वाले हैं। काफी समय से वह छतारी में ही अपना क्लीनिक चला रहे हैं और परिवार के साथ रहते हैं। डॉ. फरीद चार भाई हैं। शादाब फरीद का इकलौता पुत्र तो था ही, वह फरीद समेत सभी चार भाइयों में इकलौता बेटा था। फरीद की अपने एक भाई से संपत्ति को लेकर विवाद भी चल रहा है। पकड़े गए एक आरोपी ने फरीद के भाई का नाम भी हत्या में शामिल होना बताया है। लेकिन, पुलिस अभी इस पर जांच कर रही है।
कोट
मामले में दो आरोपी नाजिर और शाहिद को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी निशानदेही पर ही शव बरामद किया गया है। आरोपियों ने अपहरण के कुछ देर बाद ही शादाब की हत्या कर दी थी। प्रकरण की जांच में प्रकाश में आए अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है। - संतोष कुमार सिंह, एसएसपी