आसमान से आग बरसते ही बिजली भी गुल हो गई। तापमान ने जहां सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए तो एकाएक लोड बढ़ने से पूरे जनपद की बिजली आपूर्ति चरमरा गई। मुख्यमंत्री के दावे से इतर जनपद में जमकर बिजली कटौती हुई। शेड्यूल के अनुसार न तो नगर क्षेत्र में और न ही देहात क्षेत्र में आपूर्ति हुई।
शनिवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पहुंचते ही गर्मी से परेशान लोगों को बिजली कटौती ने जमकर रुलाया। तापमान बढ़ने से एकाएक लोड में भी काफी बढ़ोत्तरी हो गई।
ट्रांसमिशन पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार, बृहस्पतिवार को जनपद की डिमांड जहां 750 से 800 मेगावाट थी, तो वहीं शनिवार को यह 850 से 900 मेगावाट तक पहुंच गई। वहीं आपूर्ति महज 550 से 650 मेगावाट ही हो सकी। जिलेभर में जमकर कटौती की गई।
नगर क्षेत्र में बामुश्किल 11 से 13 घंटे आपूर्ति हो सकी। यही हाल देहात क्षेत्रों का भी रहा। जिन क्षेत्रों में 18 घंटे का शेड्यूल है, वहां भी शेड्यूल के दौरान जमकर कटौती हुई।
एक अफसर की मानें तो ट्रांसमिशन पर लोड बढ़ने लगा है। अफसर का कहना है कि मुख्यमंत्री के दावों के तहत बिजली आपूर्ति करना बहुत ही मुश्किल होगा।