लंबे इंतजार के बाद नगर के पुराने बस अड्डे के कायाकल्प का रास्ता साफ हो गया है। निर्माण कार्य पर पुरातत्व विभाग ने रोक लगा दी थी। फिलहाल विभाग रोडवेज निगम को एनओेसी देने की तैयारी कर रहा है।
बता दें कि शासन की ओर से विगत वर्ष नगर के पुराने बस अड्डे के कायाकल्प को दो करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इस कार्य की जिम्मेदारी समाज कल्याण विभाग को सौंपी गई थी। विभाग ने नक्शा बना लिया था और बस अड्डे के पुराने भवन को गिराकर नए सिरे से कार्य भी शुरू कर दिया था।
इसी बीच पुरातत्व विभाग ने निर्माण कार्य पर यह कह कर रोक लगवा दी थी कि बस अड्डे की जमीन में मजार है। इसलिए निर्माण कार्य नहीं हो सकता। ऐसे में मामला पुरातत्व विभाग के पाले में चला गया। इस कार्य में प्रशासन की भी मदद ली और जांच में सामने आया कि बस अड्डे की जगह में मजार नहीं है।
इसके चलते पुरातत्व विभाग की ओर से मुख्य मार्ग से 40 मीटर जगह छोड़कर निर्माण कार्य को हरी झंडी मिली थी। मगर एनओसी नहीं बन पाई थी, जो अब जल्द ही बन जाएगी और निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।