पंचायत चुनाव के द्वितीय चरण में रूढ़िवादी सोच को आइना दिखा सिकंदराबाद ब्लाक के ग्रामीणों ने दो और ग्राम पंचायतों में आधी आबादी को निर्विरोध प्रधान चुन लिया।
ये खुद में पहली मिसाल है जब महिलाओं को सत्ता सौंपने का चलन देखा गया है। बता दें अख्तियारपुर, अगौता और मुरादाबाद में भी वोट की चोट किए बगैर सत्ता सौंपी गई है।
ग्राम बवैया-बिसवाना में पूजा पत्नी दीपक और दीपक की मां कश्मीरी देवी पत्नी धर्मपाल ने प्रधान पद के लिए एक साथ नामांकन किया था। सोमवार को नाम वापसी थी।
कश्मीरी ने पुत्रवधु के लिए सत्ता को ठुकरा दिया। बताया गया है कि कश्मीरी देवी की जीत तय मानी जा रही थी। कश्मीरी के नाम वापस लेने की प्रक्रिया पूरा करने के बाद पूजा का प्रधान बनना तय हो गया।
गांव के 13 ग्राम पंचायत सदस्यों को भी निर्विरोध ग्रामीणों ने चुना है। गांव मसौता में प्रधान पद के लिए अंगत पुत्र मुंशी, राजेश कुमार पुत्र गंगादास, लता पत्नी सतेंद्र ने नामांकन किया था।
11 वार्डों में लिए 10 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था। सोमवार को अंगत और राजेश कुमार ने ग्रामीणों की आपसी सहमति के बाद वापस ले लिया।
मुकाबला खत्म होने से लता निर्विरोध प्रधान चुन ली गई। गांव में 10 ग्राम पंचायत सदस्य निर्विरोध चुने गए। इससे पहले सिकंदराबाद ब्लाक का मुरादाबाद गांव में भी निर्विरोध प्रधान चुना गया था। अगौता और अख्तियारपुर में भी निर्विरोध चुनाव हो गया।
गुलावठी में प्रधान पद के 261 और सिकंदराबाद में 501 दावेदार
पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में नाम वापसी और नामांकन पत्रों की जांच के बाद गुलावठी और सिकंदराबाद ब्लॉक में चुनावी तस्वीर साफ हो गई है।
गुलावठी में 37 ग्राम पंचायत प्रधान पद के लिए कुल 261 प्रत्याशी चुनाव मैदान में है। निर्वाचन अधिकारी रविंद्रपाल सिंह तोमर ने बताया है कि सोमवार को 22 प्रधान पद के प्रत्याशियों ने अपना नाम वापस ले लिया।
इससे पूर्व दो महिला प्रत्याशियों का नामांकन रद्द किया गया। ग्राम पंचायत बराल से प्रधान पद के प्रत्याशी सुधा रानी एवं सर्वेश का नामांकन पत्र निरस्त किया गया है।
कुल 285 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। अब 261 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए हैं। तोमर ने बताया कि ग्राम पंचायत सदस्य के 485 ने नामांकन दाखिल किया था। जबकि 24 का नामांकन रद्द कर दिया गया। नाम वापस लेने वालों की सूची बनाई जा रही है।
वहीं सिकंदराबाद में प्रधान पद के 106 प्रत्याशियों ने वहीं ग्राम पंचायत के 43 प्रत्याशियों ने नाम वापस ले लिए है। ब्लॉक में 96 ग्राम ग्राम प्रधान पद के सापेक्ष 609 प्रत्याशियों ने नामंकन किया था।
दो प्रत्याशियों का नामंकन त्रुटि के कारण निरस्त कर दिया गया था। नाम वापिस के अंतिम दिन प्रधान पद के 106 प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस ले लिए।
अब 96 ग्राम प्रधान पद के लिए 501 उम्मीदवार मैदान में है। जिनमें से तीन को निर्विरोध चुन लिया गया है। वहीं 1228 ग्राम पंचायत सदस्यों के सापेक्ष 1535 सदस्यों ने नामंकन किया था।
52 प्रत्याशियों का नामंकन त्रुटि के कारण निरस्त कर दिया गया। 43 प्रत्याशियों ने अपना नाम वापस ले लिया। अब 1228 पदों के सापेक्ष 1439 प्रत्याशी मैदान में है।