बुलंदशहर। जनपद न्यायालय समेत सभी वाह्य न्यायालयों, ग्रामीण न्यायालयों व तहसीलों पर शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें एक लाख से अधिक वादों का सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। जबकि, आपराधिक मामलों में करीब आठ लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव व अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शहजाद अली ने बताया कि 13 सितंबर को जिलेभर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष मंजीत सिंह श्योराण ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया।
जिलेभर में लोक अदालत में सुलह-समझौते के आधार पर कुल 1,06,550 वादों का निस्तारण किया गया। इसमें आपराधिक मामले के 7863 वादों में 8,41,742 अर्थदंड वसूल किया गया। जबकि, 69 मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों का निस्तारण करते हुए 7,18,38,000 रुपये का मुआवजा दिलाया गया। परिवार न्यायालयों द्वारा कुल 123 वैवाहिक वाद निस्तारित किए गए। 138 एनआई एक्ट के 12 वाद, 51 सिविल वाद, 1005 विद्युत वाद और अन्य 182 वाद निस्तारित किए गए। 650 बैंक प्री-लिटिगेशन विवादों में लोन की धनराशि 44,49,70391 रुपये थी, जिसमें 18,43,79,750 की धनराशि पर समझौता कराते हुए उसी वक्त 5,00,27,878 की धनराशि जमा कराई गई। इसके अलावा 97,245 अन्य प्रीलिटिगेशन वाद प्रशासन द्वारा निस्तारित किए गए। लोक अदालत में जनता की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा छिड़काव कार्य, एंबुलेंस, पानी का टैंकर व अग्निशमन वाहन की व्यवस्था की गई थी। अब आगामी लोक अदालत का आयोजन 13 दिसंबर को किया जाएगा।