बुलंदशहर। अब लोगों को मंकी पॉक्स की चिंता सताने लगी है। जिले का स्वास्थ्य विभाग अन्य देशों में बढ़ते मंकी पॉक्स के मामलों को लेकर सावधान हो गया है। विभाग ने एडवाइजरी जारी कर सीएचसी-पीएचसी प्रभारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। इसी के साथ लोगों को शरीर में दाग, जलन और बुखार आने पर तुरंत चिकित्सक से सलाह लेने का आग्रह किया है। हालांकि अभी तक मंकी पाॅक्स का कोई केस जनपद में सामने नहीं आया है।
मंकी पाॅक्स को लेकर प्रदेशभर में सतर्कता बरती जा रही है। शासन ने भी स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि इस घातक बीमारी से निपटने को पूरे इंतजाम किए जाएं। इस संबंध में सीएमओ को पत्र भेजकर एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार मंकी पॉक्स के मरीजों में अधिकांश बुखार, शरीर पर चकत्ते जैसे लक्षण पाए जाते हैं, जिनके कारण कई प्रकार की चिकित्सीय जटिलताएं भी हो सकती है। मंकी पॉक्स स्व सीमित बीमारी है, जिसके लक्षण सामान्यत दो से चार सप्ताह के अंदर प्रदर्शित होते हैं, लेकिन कुछ रोगी गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं। इस बीमारी में मृत्यु दर एक से दस प्रतिशत तक हो सकती है। यह बीमारी मरीज के संपर्क में आने से फैलती है, इसलिए दूसरे जिलों से आने वाले लोगों पर भी नजर रखने को कहा गया है।
मंकी पाॅक्स के लक्षण
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. रमित सिंह ने कहा कि मंकी पाॅक्स एक तरह से संक्रमण की बीमारी है, जो इसका शिकार होता है उसे तेज बुखार के अलावा सिरदर्द की भी शिकायत रहती है। मांसपेशियों में खिचाव, पीठ दर्द और सूजन भी रहती है। साथ ही जो लोग मंकी पाॅक्स के शिकार होते हैं उनमें काफी सुस्ती दिखाई देती है। इसके अलावा खास बात यह है कि जब बुखार आता है तो शरीर पर दाने निकल आते हैं और यह दाने चिकन पाॅक्स से बड़े होते हैं, इनमें खुजली होने के साथ पक भी जाते हैं।
मंकी पॉक्स को लेकर विभाग पूरी तरह अलर्ट है। एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। सभी सीएचसी व पीएचसी अधीक्षकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसी व्यक्ति में यह लक्षण मिले तो उसे होम आइसोलेट कर दें। जिससे कोई अन्य संपर्क में न आए। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ