विधान परिषद की 13 सीटों के लिए शुक्रवार को हुए चुनाव में क्रास वोटिंग करने वाले विधायक बंधु मुकेश शर्मा (शिकारपुर) और भगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित (डिबाई) ने अब समाजवादी पार्टी के मंत्रियों से जान का खतरा जताया है।
उन्होंने मतदान के वक्त घटित घटनाक्रम का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग, गृह मंत्रालय, प्रधानमंत्री और प्रदेश के डीजीपी को चिट्ठी भेजकर सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने अपना पत्र सोशल नेटवर्किंग साइट पर भी पोस्ट कर दिया है।
निर्वाचन आयोग, प्रधानमंत्री, गृह मंत्रालय और डीजीपी को भेजे गए शिकायती पत्र में विधायक बंधुओं ने लिखा है कि 11 जून को वह अन्य विधायकों के साथ लखनऊ में विधान परिषद चुनाव में वोटिंग के लिए मतदान स्थल गए थे।
वहां पर मंत्री शिवपाल सिंह यादव से उन्होंने बैलेट पेपर लिया। अचानक सपा के मंत्रियों और विधायकों ने उनसे बैलेट पेपर छीन लिया और हाथापाई शुरू कर दी। बाद में मंत्री और विधायकों ने जान से मारने की धमकी भी दी।
मौके पर मौजूद अन्य दलों के विधायक संगीत सोम, कुंवर फतह बहादुर और सुशील सिंह ने विरोध करते हुए बीच-बचाव किया। विधायक ने बताया कि घटना की शिकायत उन्होंने मुख्य चुनाव अधिकारी अरूण सिंहल से की।
विधायक बंधुओं ने सत्ता दल के नेताओं पर खुद को झूठे केस में फंसाने के साथ साथ अनहोनी की आशंका भी व्यक्त की है। उन्होंने भविष्य में अनहोनी का जिम्मेदार सपा के मंत्रियों को करार दिया है।
हम पर यदि प्राण घातक हमला हुआ तो उसका जिम्मेदार सपा के संबंधित मंत्री और विधायक होंगे। हमने प्रधानमंत्री, गृह मंत्रालय, निर्वाचन आयोग और डीजीपी को शिकायत भेज दी है। साथ ही अपनी सुरक्षा की मांग की है। - विधायक मुकेश शर्मा और गुड्डू पंडित