दूध, घी, नमक और लड्डू का नमूना फेल होने पर एडीएम प्रशासन ने पांच मिलावटखोरों पर एक लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार मिश्र ने जगदीश गिरी निवासी थाना सलेमपुर पर 50 हजार का जुर्माना लगाया। छह माह पूर्व जगदीश के यहां से दूध का नमूना प्रयोगशाला भेजा गया था।
जांच में दूध अधोमानक पाया गया। नरौरा के कृपाल सिंह पर 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। कृपाल के यहां से नमक का सैंपल लिया गया था। नमक मानक पर खरा नहीं उतरा था। हेमचंद गुप्ता निवासी थाना सिकंदराबाद पर भी 20 हजार जुर्माना एडीएम प्रशासन ने लगाया है। हेमचंद के यहां से लिया गया घी का नमूना अधोमानक पाया गया था।
वहीं, तेजवीर सिंह निवासी थाना डिबाई के यहां से लिया गया दूध का सैंपल भी फेल निकला। एडीएम ने तेजवीर पर 10 हजार जुर्माना लगाया है। स्याना निवासी हुकुम सिंह के यहां से मावे के लड्डू प्रयोगशाला भेजा गया था।
लड्डू शुद्धता की कसौटी पर खरा नहीं उतरा। एडीएम ने हुकुम सिंह पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि मिलावटी दूध, घी और नमक के सेवन से किडनी व लीवर पर बुरा असर पड़ सकता है। पेट में संक्रमण भी हो सकता है।
कहीं पास तो कहीं फेल हुए सैंपल
केंद्रीय और राज्य की फूड सैंपल रिपोर्ट अलग-अलग आने से स्पष्ट हो गया है कि सरकारी प्रयोगशालाओं में खाद्य सामग्री की जांच में खेल किया जा रहा है। गत वित्त वर्ष जनपद में खाद्य सामग्री के 454 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे।
इनमें 175 सैंपल दूध के थे। 175 में से चार नमूने ऐसे पाए गए, जिनमें केंद्रीय और स्टेट की प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट अलग-अलग निकली। चारों नमूने लखनऊ की प्रयोगशाला में अधोमानक पाए गए थे।
बाद में दूध के नमूनों को केंद्रीय प्रयोगशाला कोलकाता भेज दिया गया। कोलकाता प्रयोगशाला ने नमूनों को मानक पर खरा करार दिया। जांच रिपोर्ट पर सवालिया निशान लगने से अफसरों में हड़कंप मचा है।
पांच मिलावटखोरों पर सबूतों और गवाहों के आधार पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की गई। आगे भी मिलावटखोरों पर कार्रवाई जारी रहेगा।
- अरविंद कुमार मिश्र, एडीएम प्रशासन