इमलिया के परिषदीय विद्यालय में भूखे बच्चों का दर्द जान मुख्यमंत्री की पत्नी और सांसद डिंपल यादव का दिल पिघल गया। एक मैसेज पर डिंपल यादव ने जिला प्रशासन के आला अफसरों से फोन पर बात की।
फोन घनघनाते ही अफसरों ने विद्यालय की दौड़ लगा दी। देखते ही देखते अवकाश पर चली रही शिक्षिका को हटा दिया गया और दूसरे शिक्षक को जिम्मेदारी देकर एमडीएम बना और बांटा गया।
सपा नेता हामिद अली की मां अफरोजी बेगम इमलिया गांव की प्रधान है। उनके पुत्र जाहिद अली खान ने बताया कि गांव के प्राथमिक विद्यालय में चार माह से बच्चों को दोपहर का भोजन नहीं मिल रहा है।
बेसिक शिक्षा विभाग और प्रशासन के अधिकारियों की जानकारी में कई बार मामला लाया गया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। थक- हार कर उन्होंने ने एसएमएस कर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सांसद पत्नी डिंपल यादव को इसकी जानकारी दी।
डिंपल यादव ने मामले को गंभीरता से लिया और प्रशासन के आला अधिकारियों से शासन के अधिकारियों की बात कराई। बात शासन स्तर पर पहुंचते ही जिलाधिकारी के निर्देश पर अफसर गांव पहुंचे और बच्चों को मिड डे मील बनवाकर बंटवाया।
डीएम बी. चंद्रकला ने बताया कि गांव में निधि गुप्ता नाम की महिला शिक्षिका तैनात हैं। निधि फिलहाल मातृत्व अवकाश पर हैं। मौके पर पहुंचे अफसरों की जानकारी में आया है कि चार माह से स्कूल को मिड डे मील के लिए धनराशि नहीं मिली है।
इसी कारण एमडीएम नहीं बांटा जा रहा था। एमडीएम वितरण के बाद ग्रामीणों ने सांसद डिंपल यादव को धन्यवाद दिया।
550 स्कूलों में नहीं बंट रहा एमडीएम
अफसरों की मनमानी के कारण जनपद के 550 विद्यालयों में मिड डे मील नहीं बंट रहा है। ऐसे में करीब 25 हजार बच्चे स्कूलों से भूखे पेट लौटने को मजबूर हैं।
अफसरों के पास इनकी शिकायतें हर दिन जा रही है। बीएसए दफ्तर में प्रधान और बच्चों के अभिाभवक भी ऐेसी शिकायतें करते रहते हैं।
सांसद डिंपल यादव की तरफ से किए गए फोन पर इमलिया गांव के विद्यालय में मिड-डे-मील बनाने और वितरण की शुरुआत करवा दी है। यह समस्या चार माह से थी। जनपद में मिड-डे-मील की आ रही समस्याओं का जल्द निपटारा किया जाएगा। - वेदराम, बीएसए
सरकार की योजना बच्चों को खाना देने की है। काफी दिन से यहां दिक्कत थी। बच्चों के दर्द को महसूस करने की वजह से शिकायत की गई थी। फिलहाल समाधान हो गया है। - अफरोजी बेगम, प्रधान इमलिया
सांसद डिंपल यादव ने इमलिया में मिड डे मील नहीं बंटने की शिकायत का संज्ञान लिया। उसके बाद तत्काल समस्या का समाधान करा दिया गया।
- बी. चंद्रकला, डीएम