खुद को बाहर छोड़कर ट्रेन में मम्मी-पापा को जाते देख चार वर्षीय मासूम रोती-बिलखती पीछे-पीछे ट्रैक पर दौड़ती रही। करीब तीन किमी तक भागने के बाद जब स्थानीय ग्रामीणों ने देखा तो उसे रोका और पूछताछ की।
दरअसल, बच्ची परिजनों की गलती से बाहर छूट गई थी और ट्रेन चलने के कारण उसके परिजन उसी में चले गए थे। ग्रामीण बच्ची को लेकर आरपीएफ चौकी पहुंचे और उसे सौंप दिया।
दादरी में ट्रेन से उतरकर परिजन जंक्शन पहुंचे और बच्ची को सही सलामत पाकर फूले नहीं समाए। मंगलवार को बिहार के नालंदा निवासी ज्योतिष, उनकी पत्नी सीमा और चार वर्षीय बेटी राधा मगध एक्सप्रेस से नई दिल्ली जा रहे थे।
रात करीब 8.20 मिनट पर जंक्शन आउटर पर ओवरव्रिज के पास ट्रेन रुकी। इस दौरान बोगी बदलने के लिए ज्योतिष अपना कुछ सामान और बच्ची राधा को ट्रेन से उतार दिया।
शेष सामान लेने के लिए वह जब डिब्बे में गए तो ट्रेन चल दी। मम्मी और पापा को ट्रेन में जाते हुए देख मासूम राधा बिलख पड़ी और ट्रेन के पीछे-पीछे ट्रैक पर दौड़ने लगी।
करीब तीन किमी दूर सुल्तानपुर गांव के पास ग्रामीणों ने रोते हुए ट्रैक पर बच्ची को देखा तो हादसे के डर से उसे रोक लिया। पूछताछ के बाद ग्रामीणों ने बच्ची को जंक्शन स्थित आरपीएफ चौकी ले गए।
कंट्रोलरूम को सूचना के बाद दादरी में मगध एक्सप्रेस को रोका गया। ज्योतिष पासवान दादरी स्टेशन पर उतकर वहां के अधिकारियों से बेटी के छूटने के बारे में बताया।
जंक्शन आरपीएफ के पास बच्ची के होने की जानकारी मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। इसके बाद दूसरी ट्रेन में सवार होकर परिजन खुर्जा जंक्शन पहुंचे और बच्ची को देख फूले नहीं समाए।
आरपीएफ प्रभारी धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि बच्ची को सकुशल उनके परिजनों को सौंप दिया गया। साथ ही लापरवाही बरतने को लेकर परिजनों को फटकार भी लगाई।