संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। पहासू थाना क्षेत्र में 2017 में मीरा देवी की उसके पति ने गला घोटकर हत्या कर शव जला दिया था। मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं त्वरित न्यायालय के न्यायाधीश शिवानंद ने हत्यारोपी पति को दोषी माना है। न्यायाधीश ने दोषी को आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले में न्यायाधीश ने मीरा के देवर को गवाह और सबूतों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ध्रुव कुमार वर्मा और भूपेंद्र राजपूत ने बताया कि वादी महिपाल निवासी गांव फरीदपुर थाना जवां जनपद अलीगढ़ ने 17 जून 2017 को पहासू थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। महिपाल ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी मीरा देवी की शादी 2006 में गांव खेड़ा निवासी भूदेव सिंह के साथ की थी। 17 जून को मीरा के गले में दुपट्टा डालकर उसकी हत्या कर दी गई थी और केरोसीन छिड़कर शव को जला दिया गया था। पुलिस ने आरोपी पति भूदेव और देवर दिगंबर के खिलाफ तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया था। जांच पड़ताल के बाद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं त्वरित न्यायालय के न्यायाधीश शिवानंद ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर हत्यारोपी पति को दोषी मानकर सजा सुनाई।