कड़ी सुरक्षा के बीच हुई अनुसूचित जाति के सीआरपीएफ जवान की घुड़चढ़ी
ककोड़। गांव गड़ाना में कड़ी सुरक्षा के बीच अनुसूचित जाति के सीआरपीएफ जवान गौरव की घुड़चढ़ी हुई। गांव के माहौल को देखते हुए जवान ने एहतियातन एसएसपी से सुरक्षा की मांग की थी। इसके बाद दो एसएचओ, आठ उपनिरीक्षक समेत 50 पुलिसकर्मी व पीएसी के जवानों की तैनाती की गई।
सीआरपीएफ के जवान ने एसएसपी से सुरक्षा की गुहार लगाते हुए कहा था कि गांव में किसी भी अनुसूचित जाति के व्यक्ति की घुड़चढ़ी दूसरी बिरादरी के लोग नहीं होने देते हैं। डर से समाज के लोग पूरे गांव में घुड़चढ़ी नहीं कर सकते। दरअसल, आठ माह पहले भी चढ़त को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद झगड़े में एक व्यक्ति की हत्या हो गई थी। तभी से गांव में शादी समारोह की रस्मों को लेकर दोनों पक्षों में तनाव चला आ रहा है। अधिकतर समारोह के दौरान गांव में पुलिस तैनाती रहती है। रविवार को शांतिपूर्ण माहौल में गांव निवासी सीआरपीएफ दिल्ली में तैनात जवान गौरव की बरात टप्पल के गांव मानपुर रवाना हुई।
आठ माह बाद पूरे गांव में हुई घुड़चढ़ी
एक जुलाई 2021 को गांव में बरात में डीजे बंद कराने को लेकर विवाद के बाद हत्या हो गई थी। तभी से तनाव बना हुआ है। दोनों पक्षों की ओर से बीते आठ माह में करीब आठ से दस शादियां हुईं। पूरे गांव में बरात की चढ़त या घुड़चढ़ी नहीं होती थी। रविवार को कड़ी सुरक्षा में गौरव की घुड़चढ़ी निकली। इस दौरान दूल्हा पक्ष के लोग डीजे पर नाचते-गाते भी नजर आए। शाम करीब साढ़े पांच बजे घुड़चढ़ी शुरू हुई। बरात डेढ़ घंटे बाद करीब सात बजे रवाना हुई।
50 पुलिसकर्मियों की तैनाती, ड्रोन से रखी गई नजर
गौरव की मांग पर एसएसपी ने रविवार सुबह से ही गांव में तीन थानों ककोड़, चोला और सिकंदराबाद की फोर्स की तैनाती कर दी थी। सुबह से गांव के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। करीब 50 पुलिसकर्मी तैनात रहे। इस दौरान पीएसी के भी जवानों की तैनाती की गई। इसके अलावा कार्यक्रम के दौरान गांव में ड्रोन से भी नजर रखी गई। सोमवार को बरात के वापस आने तक गांव में पुलिस का पहरा रहेगा।
आठ माह पहले चढ़त में विवाद के बाद हुई थी हत्या
करीब आठ माह पूर्व एक जुलाई को गांव गड़ाना में एक बरात आई थी। चढ़त के दौरान तेज आवाज में डीजे बज रहा था। इस दौरान गांव निवासी राकेश भाटी ने आवाज कम करने या बंद करने को कहा था। उनका कहना था कि उनके पुत्र को तेज आवाज से समस्या है। इसी बात को लेकर राकेश भाटी पक्ष और शादी वाले पक्ष के बीच विवाद हो गया था। मामला दो अलग-अलग बिरादरी से जुड़ा हुआ था। देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट हुई। शादी वाले पक्ष की ओर से राकेश भाटी पर फायरिंग कर दी गई, जिसमें राकेश की मौत हो गई थी।
बीते दिनों हुए विवाहों में भी तैनात रहा पुलिस बल
थाना प्रभारी ककोड़ ने बताया कि गांव में दोनों पक्षों में किसी भी पक्ष के यहां यदि शादी समारोह या अन्य कार्यक्रम होता है तो पुलिस बल की तैनाती की जाती है। बीते बृहस्पतिवार को भी गांव में एक शादी समारोह के दौरान पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
सीआरपीएफ के जवान की शिकायत पर शादी समारोह के दौरान तीन थानों के फोर्स को तैनात किया गया। ड्रोन से भी निगरानी रखी गई। यदि कोई भी व्यवधान उत्पन्न करता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। - सुरेंद्र नाथ तिवारी, एसपी सिटी