लक्ष्मी अल्पावास गृह में लड़कियों को जबरन ब्लू फिल्म दिखाकर अश्लील हरकत की जाती थी। विरोध करने पर लड़कियों से मारपीट कर उनका मानसिक उत्पीड़न किया जाता था। यह खुलासा अल्पावास गृह लौटी लड़की ने पुलिस के सामने किया है।
मामला संज्ञान में आते ही महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में डीपीओ ने अल्पावास गृह के निदेशक सचिन एन वर्मा सहित संस्था के अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी निदेशक को गिरफ्तार कर लिया है।
बाल संरक्षण अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि लक्ष्मी अल्पावास गृह से 7 अप्रैल को चार संवासनियां गायब हो गई थीं। उनमें से वापस लौटी एक संवासिनी और अल्पावास गृह में रह रही अन्य संवासनियों के बयान पुलिस ने दर्ज किए।
बयानों में संवासनियों ने संस्था के निदेशक सचिन एन वर्मा व अन्य के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि संवासनियों को धमकाकर मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाई जाती थी। इस दौरान आरोपी लड़कियों से अश्लील हरकत करते थे।
विरोध करने पर पिटाई कर कई दिनों तक मानसिक उत्पीड़न किया जाता था। मामले में जांच के बाद सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर बाल संरक्षण अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने अल्पावास गृह के निदेशक और संस्था के अफसरों-कर्मचारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई।
थानाध्यक्ष ब्रम्हेश यादव का कहना है कि एफआईआर दर्ज कर आरोपी सचिन को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।