बुलंदशहर। किशोरी का अपहरणकर दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट, धमकी देने और वैध संरक्षकता से अपहरण के लिए दोषी पाया है। कोर्ट ने दोषी को 20 साल की सजा और 27 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।
मूल रूप से नरसेना के एक गांव निवासी किशोरी स्कूलों की छुट्टी के दौरान अपने गांव आई थी। आरोप है कि गांव के ही दो युवकों ने उसका अपहरण करते हुए दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। स्कूल की छुट्टी खत्म होने के बाद जब किशोरी को उसके परिजन दिल्ली ले गए, तो वह गुमशुम रहने लगी और स्कूल जाने से इन्कार कर दिया। पूछताछ के दौरान पीड़िता ने बताया कि 22 जून 2019 को गांव के ही दो आरोपियों ने उनका अपहरण करते हुए दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
इसके चलते पीड़ित परिजनों ने 10 जुलाई 2019 को एसएसपी को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले में जांच करते हुए एक आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। इस आधार पर अब अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट संजय कुमार यादव की कोर्ट ने सबूतों के आधार पर एक आरोपी को पॉक्सो एक्ट, अपहरण और जान से मारने की धमकी देने के मामले में दोषी पाया है। साथ ही दोषी को 20 साल की सजा और 27 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।