मनमानी पर उतारू जिले की पुलिस को कोर्ट ने आइना दिखाया है। वसूली नहीं होने पर किसान को फंसाने वाली पुलिस को कोर्ट ने फटकार लगाकर उसकी थ्योरी को खारिज कर दिया। दारोगा के एफआईआर दर्ज करने के बाद कोर्ट की शरण में पहुंचे किसान को 24 घंटे के भीतर ही न्याय मिल गया। कोर्ट ने कार्रवाई के लिए एसएसपी को भी पत्र भेज दिया है।
सिकंदराबाद क्षेत्र के सहपानी निवासी सलाउद्दीन पुत्र सईद और सचिन पुत्र नेगपाल के घर पर निर्माण कार्य चल रहा था। 25 अप्रैल को वह मोहनकुटी स्थित बिल्डिंग मैटिरियल सप्लायर से वह ट्रैक्टर में बालू लेकर जा रहे थे।
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अवैध खनन की बात कहकर दोनों 10 हजार रुपये मांगने लगे। इस पर किसान ने बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान से बालू खरीदने की रसीद दिखाई लेकिन सिपाही नहीं माने। इसके बाद ट्रैक्टर-ट्रॉला और किसान को कोतवाली देहात ले जाया गया।
कोतवाली में तैनात दारोगा बिजेंद्र कुमार शर्मा पूरे मामले में वादी भी बन गए और पुलिसकर्मियों की ओर से किसान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। किसान पुलिस के खिलाफ कोर्ट पहुंचा तो कोर्ट ने 24 घंटे के भीतर ही पुलिस की थ्योरी को खारिज कर दिया।