जिला पंचायत परिसर में बृहस्पतिवार को जिला
पंचायत अध्यक्ष और 53 सदस्यों को शपथ दिलाई गई। जिलाधिकारी ने अध्यक्ष
हरेंद्र यादव को और अध्यक्ष ने नवनिर्वाचित 53 जिला पंचायत सदस्यों को पद
एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण कार्यक्रम में सुबह साढ़े 10 बजे
से सदस्यों और आम आदमी का आना शुरू हो गया था। गेट पर अध्यक्ष और एएमए
प्रदीप कुमार मेहमानों का इस्तकबाल कर रहे थे। डीएम करीब 11:45 बजे एसएसपी
के साथ मंच पर पहुंची। डीएम, अध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं का फूल माला और बुके
देकर स्वागत किया गया।
इसके बाद डीएम ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष हरेंद्र यादव
को अध्यक्ष पद की शपथ दिलाई। शपथ के बाद एमएलसी जितेंद्र यादव और पूर्व
दर्जा प्राप्त मंत्री नरेंद्र भाटी ने विचार व्यक्त किए और सभी जिला पंचायत
सदस्यों का आभार प्रकट किया। पूर्व अध्यक्ष हरेंद्र यादव ने सभी सदस्यों
को शपथ दिलाई।
जिला पंचायत अध्यक्ष के दावदार रहे और बाद में पर्चा नहीं
भरने वाले कदीम फड्डा शपथ के बाद पहुंचे। उनको सबसे बाद में शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष दिनेश गुर्जर, एमएलसी जितेंद्र यादव, पूर्व दर्जा
प्राप्त मंत्री नरेंद्र भाटी, एसएसपी अनंत देव तिवारी, सीडीओ चुनकू राम
पटेल मौजूद रहे।
तकरार से हुआ बोर्ड बैठक का आगाज
जिला पंचायत परिषद की पहली बोर्ड बैठक की शुरुआत ही तकरार से हुई।पहली बोर्ड बैठक में न सिर्फ जिला पंचायत अध्यक्ष हरेंद्र यादव को जिला पंचायत सदस्य सुनील चरोरा ने चुप किया, बल्कि दबाव में भी लेना चाहा। शपथ ग्रहण के बाद बोर्ड बैठक का आगाज हुआ। यहा पिछली पंचवर्षीय योजना की अंतिम बोर्ड बैठक के समस्त प्रस्तावों की पुष्टि के साथ स्वीकृति दी गई।
बोर्ड की कार्यवाही के दौरान सुनील चरोरा ने सदस्यों के साथ आने वाले मेहमानों के लिए कक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा। यह भी कहा कि कक्षों की मांग पांच साल से की जा रही है। अब तक कोई अमल नहीं हुआ। एएमए पुरानी बैठक में लिए गए निर्णयों की पुष्टि करना भूल गए थे। सुनील चरोरा ने एएमए को भूल का अहसास कराया ।
इस बीच जिला पंचायत अध्यक्ष बीच में बोलने लगे। चरोरा ने उनको चुप रहने और अपनी बारी आने पर बोलने की हिदायत दी। बोर्ड में सदस्य, एएमए और अध्यक्ष के बीच 15 मिनट तक तकरार चलती रही। बाद में अध्यक्ष ने प्रस्ताव को स्वीकार कर और सेल्फ सर्विस की शर्त पर कक्ष का बंदोबस्त कराने का आश्वासन दिया।