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जमालुद्दीन की हत्या मामले में पिता-पुत्र को आजीवन कारावास

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जमालुद्दीन की हत्या मामले में पिता-पुत्र को आजीवन कारावास
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बुलंदशहर। सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र में दिसंबर 2012 को हुए वृद्ध जमालुद्दीन की हत्या मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश यशवंत कुमार मिश्र के न्यायालय ने हत्यारोपी पिता बाबू व उसके पुत्र ताहिर को दोषी करार दिया है। साथ ही दोनों को आजीवन कारावास व छह-छह हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है। बताया गया कि मृतक का पुत्र नाजिम आरोपी बाबू के पड़ोस की एक महिला से अवैध संबंधों का विरोध कर रहा था। इसके चलते आरोपी उसकी हत्या करने आए थे, लेकिन खुद को घिरता देख नाजिम के पिता जमालुद्दीन की हत्या कर दी।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राहुल उपाध्याय ने बताया कि 10 दिसंबर 2012 को वादी नाजिम ने सिकंदराबाद कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि नौ दिसंबर की रात को उनके घर में आरोपी बाबू व उसका पुत्र ताहिर हाथ में अवैध असलहे लेकर घुस आए थे। आरोपी इस दौरान वादी की हत्या के इरादे से आए थे। लेकिन, घर पर वादी के पिता जमालुद्दीन ने आरोपियों को रोका तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। साथ ही अन्य लोगों के उठने पर खुद को घिरता हुआ देख आरोपियों ने वादी के पिता जमालुद्दीन की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी मौके से भविष्य में अन्य लोगों को भी हत्या की धमकी देकर भाग निकले। वादी ने बताया कि आरोपी बाबू पूर्व में उनके पड़ोस में रहता था। जिस मकान में वह किराए पर रहता था, उसी मकान की मालकिन के साथ उसके अवैध संबंध थे। इसको लेकर वादी व अन्य पड़ोसी विरोध करते थे। इसी बात से आरोपी वादी से रंजिश रखता था और अपने पुत्र के साथ उसने वादी की हत्या की योजना बनाई थी। लेकिन, आरोपी उसके पिता की हत्या कर भाग निकले। मामले में थाना पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। जिस पर न्यायालय ने विचारण के बाद दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
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ये गवाह हुए पेश
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह के रुप में वादी नाजिम, नशीम, डॉ. एलएल अग्रवाल, उपनिरीक्षक कौशलेंद्र सिंह, सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक शीशपाल सिंह, उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह, एचसीपी सुनील कुमार, वकीला, गुलशन को पेश किया गया। जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपियों को दोषी माना है और सजा सुनाई है।
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