शिकारपुर क्षेत्र में बारिश से भीगी कटी धान की फसल दिखाता किसान। संवाद
बुलंदशहर/शिकारपुर। जिले में मंगलवार को अचानक बादल छाए। तेज हवा के बीच कहीं झमाझम तो कहीं बूंदाबांदी शुरू हो गई। पूरे दिन रुक-रुक कर हो रही बारिश से खेतों में पानी भर गया। इससे धान की फसल को नुकसान हुआ है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई। हालांकि मौसम कुछ सुहाना हो गया, लेकिन मौसम वैज्ञानिक अभी भी तीन अक्तूबर तक इसी तरह का मौसम रहने का अनुमान जता रहे हैं।
लगातार बदल रहे मौसम के बीच पिछले कई दिन से हल्के बादल छा रहे थे। साथ ही उमस भी अपना रंग दिखा रहा था। सुबह लोग नींद से जागे तो बादल छाए देख किसानों की चिंता बढ़ने लगी।
करीब 10 बजे अचानक जिले में जगह-जगह बारिश शुरू हो गई। यह बारिश कहीं झमाझम तो कहीं पर बूंदाबांदी तक सीमित रही। इस बीच कई बार बादलों के बीच सूर्यदेव के भी दर्शन हुए। लेकिन पूरा दिन शाम तक रुक-रुक कर हल्की बारिश होती रही। इस बारिश से उमस से राहत मिली तो मौसम कुछ सुहाना हो गया। लेकिन इस बारिश से सबसे अधिक नुकसान धान की फसल को हुआ है।
शिकारपुर समेत कई जगह धान की कटी पड़ी खेत में फसल पानी भर जाने से डूब गई। इसे देखकर किसान चिंतति हैं। किसान दीपक फौजी, अनिल चौधरी, मूलचंद राणा आदि किसानों ने बताया कि खेतों में धान की फसल पकी हुई खड़ी है। बारिश और होती है तो फसल गिरने के साथ दाना बेकार हो जाता। खेतों में कटी फसल पानी भरने से डूब गई। इसे ज्यादा नुकसान होगा। यह अलग बात है कि इस बारिश से दूसरी फसलों को कुछ संजीवनी मिली है। वहीं, दूसरी ओर औरंगाबाद समेत कई जगह बारिश से जलभराव हो गया। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव का कहना है कि यह बेमौसम बारिश है। इससे धान की फसल को खेत में पानी नुकसान हुआ है। अभी नुकसान का आकलन नहीं किया जा सकता। इसका जल्द ही सर्वे कर पता कर लिया जाएगा। जिन किसानों ने अपनी फसल का बीमा करा रखा है वह 72 घंटे के भीतर अपनी शिकायत दर्ज करा दें, ताकि इस नुकसान की भरपाई हो सके।
उन्होंने यह भी बताया कि अभी तीन अक्तूबर तक इसी तरह का मौसम रहने का अनुमान है। यदि तेज हवा के साथ और बारिश होती है तो फसल को नुकसान हो सकता है। वहीं, मौसम में आए बदलाव के चलते मंगलवार को अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास दर्ज की गई। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. विवेकराज का कहना है कि यह बेमौसमी बारिश खासकर धान की फसल के लिए इस समय नुकसानदायक है। अभी तीन अक्तूबर तक इसी तरह का मौसम रहने और बारिश होने का अनुमान जताया जा रहा है। यदि और बारिश होती है तो धान की फसल का नुकसान और बढ़ सकता है। बुधवार को अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।