नरौरा। गंगा में डॉल्फिन की सुरक्षा के लिए निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है। रविवार देर रात तीन पशु चिकित्सकाें की टीम ने मृत डॉल्फिन का पोस्टमार्टम किया। चिकित्सकों के मुताबिक तीन दिन पहले डॉल्फिन की मौत हुई थी लेकिन कारण स्पष्ट नहीं हो सका। ऐसे में बिसरा लेकर इंडियन वेटनरी रिसर्च अकादमी बरेली जांच के लिए भेजा गया है। गंगा नदी के नरवर घाट के पास डॉल्फिन मृत मिली थी। पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक डॉल्फिन की मौत तीन दिन पहले हुई थी। शव कई दिन का होने के कारण शरीर जगह से क्षत-विक्षत हो गया था। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बुलंदशहर गंगा में इसकी मौत नहीं हुई है। शव किसी दूसरे जनपद से बुलंदशहर गंगा में आया गया था। गंगा में इस समय पानी भरपूर है और पानी की कमी से उसकी मौत नहीं हुई है। डॉल्फिन की मौत के मामले में वन विभाग की टीम हापुड़, अमरोहा और संभल से भी जानकारी जुटाएगी। फिलहाल विभाग की एक टीम भी इस मामले में जांच कर रही है। डॉल्फिन की सुरक्षा को लेकर गंगा में गश्त भी बढ़ा दी गई है।
पोस्टमार्टम के बाद डॉल्फिन का अंतिम संस्कार कर दिया है। बिसरा जांच के लिए लैब भेजा गया है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। फिलहाल गंगा में डॉल्फिन की सुरक्षा के लिए निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है। - प्रियंका शर्मा, उप प्रभागीय वनाधिकारी