घोटालों के लिए बदनाम पावर कारपोरेशन में अब रिटायर्ड कर्मियों की पेंशन पर डाका डाला गया है। करीब 2000 पेंशनर्स को पेंशन के लाले पड़ गए हैं। इन पेंशनर्स के पे-ऑर्डर विभाग से गायब हो चुके हैं। इसके कारण ट्रेजरी से पेंशन नहीं निकल पा रही है।
पावर कारपोरेशन के जनपद में करीब 2500 पेंशनर्स हैं। इसमें कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक शामिल हैं। पिछले तीन महीने से करीब दो हजार से ज्यादा पेंशनर्स को पेंशन नहीं मिली है। कारण है कि इन पेंशनर्स के पीपीओ (पेंशन पे ऑर्डर) गायब हो चुके हैं। पेंशनर्स को कारपोरेशन से लेकर ट्रेजरी तक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर चक्कर लगाने के बावजूद पेंशन हाथ नहीं मिल रही है। इतनी बड़ी संख्या में पीपीओ गायब होने से पावर कारपोरेशन में हड़कंप मचा हुआ है। बिजली अफसर और कर्मियों की विधवाएं पेंशन पाने के लिए चक्कर लगा रही हैं।
मृतक जेई वीके पाठक की पत्नी शशि पाठक ने बताया कि वह नोएडा में रहती हैं। परिवार में सिर्फ बेरोजगार बेटा है। पेंशन पर ही निर्भर हैं। पिछले तीन महीने से पेंशन नहीं मिल पाने से जीवन यापन करना मुश्किल हो गया है।