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हाईवे-91 पर हुई घोड़ा बुग्गी रेस, 36 पर एफआईआर

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हाईवे-91 पर हुई घोड़ा बुग्गी रेस, 36 पर एफआईआर
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सिकंदराबाद। हाईवे-91 पर बृहस्पतिवार सुबह ग्राम वीरखेड़ा के गेट से चंदेरू फ्लाईओवर तक घोड़ा बुग्गी रेस का आयोजन किया गया। कोरोना काल में प्रतिबंध होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने रेस में भाग लिया। रेस के कारण हाईवे पर आवागमन प्रभावित हुआ। दौड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर पुलिस ने करीब तीन दर्जन अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बृहस्पतिवार सुबह करीब 6.30 बजे हाईवे-91 पर वीरखेड़ा के गेट से चंदेरू फ्लाई ओवर तक दो घोड़ा बुग्गी चालकों के बीच दौड़ का आयोजन हुआ। दौड़ में दोनों घोड़े हाईवे पर दौड़ रहे थे और बड़ी संख्या में लोग बाइक से घोड़ों के साथ चल रहे थे। करीब डेढ़ किमी की इस दौड़ की पुलिस को भनक तक नहीं लगी। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामला पुलिस की जानकारी में आया। पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत पशुओं की दौड़ प्रतिबंधित होने व पशुओं का अन्य किसी प्रकार के आयोजन में बिना अनुमति के प्रयोग अवैध होने के बावजूद आयोजकों ने कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए दौड़ आयोजित की। कोरोना काल में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लोगों के एक साथ जमा होने पर प्रतिबंध होने के बाद भी बड़ी संख्या में लोग आयोजन में जुटे। एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामला संज्ञान में आया। मामले में कोतवाली सिकंदराबाद में करीब तीन दर्जन अज्ञात के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। वायरल हो रहे वीडियो के माध्यम से लोगों को चिन्हित करने का कार्य किया जा रहा है।
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वाहन चालकों की सुरक्षा रही खतरे में
हाईवे-91 पर घोड़ा बुग्गी दौड़ के दौरान वाहन चालकों की सुरक्षा भी खतरे में नजर आई। दौड़ रहे घोड़े के साथ-साथ बाइकों पर चल रहे कई लोग जहां एक दूसरे से टकराने के कारण हादसे का शिकार होते-होते बचे। वहीं हुड़दंग के चलते हाईवे से होकर गुजरने वाले वाहन चालकों की सुरक्षा भी खतरे में नजर आई। वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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पूर्व में भी हो चुके हैं आयोजन, लगता है मोटा सट्टा
हाईवे-91 पर घोड़ा बुग्गी दौड़ का क्षेत्र में कोई नया मामला नहीं है। पूर्व में अवैध रूप से दौड़ वह अन्य प्रतियोगिता होने के मामले प्रकाश में आए हैं। खुर्जा रोड पर भैंसा बग्गी दौड़ और नगर में मुर्गों की लड़ाई आदि के आयोजन के मामले प्रकाश में आए हैं। पशुओं की दौड़ या पशु पक्षियों की अन्य किसी प्रकार की अवैध रूप से आयोजित होने वाली प्रतियोगिता पर मोटा सट्टा लगाया जाता है। इस प्रकार के आयोजनों में सट्टा माफिया की भूमिका सक्रिय रहती है। सट्टा माफिया अपने नेटवर्क के माध्यम से लोगों में प्रतियोगिता का प्रचार करते हैं। जिसकी पुलिस को भनक तक नहीं लगने दी जाती है।
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