अब गर्भवती महिलाआें को घर बैठे स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। इसके लिए महिलाओं को प्रशासन की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर डायल कर नाम और पता नोट करवाना पड़ेगा। इसके बाद संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिला का रिकार्ड सॉफ्टवेयर पर फीड कर लिया जाएगा।
नाम पता फीडिंग के बाद गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच डिलीवरी तक घर पर किया जाएगा।इस संबंध में डीएम शुभ्रा सक्सेना की आईटी कंपनी से बात चल रही है। कमोबेश बात भी पक्की हो चुकी है। जल्द ही आईटी कंपनी से सॉफ्टवेयर तैयार करवाया जाएगा।
इसी सॉफ्टवेयर पर गर्भवती महिलाओं को विवरण दर्ज होगा। इसके लिए गर्भवती महिला को हेल्पलाइन नंबर डायल करना होगा। महिला खुद का नाम और घर का पता बताएगी। संबंधित गांव की आशा को स्वास्थ्य विभाग सूचना देगा। सॉफ्टवेयर द्वारा ही आशा एएनएम को गर्भवती महिला की जांच और टीकाकरण के लिए समय समय पर भेजा जाएगा।
गर्भवती महिलाओं का रिकार्ड ऑनलाइन हाने से लखनऊ तक कोई भी अफसर कभी भी स्टेटस चेक कर सकता है। ऐसे में आशा, एएनएम और संबंधित डॉक्टरों को महिला का स्टेट्स अपडेट रखना मजबूरी होगा।
गर्भवती महिलाओं को नाश्ते और भोजन में क्या क्या दिया जाए। अब ये सब सॉफ्टवेयर तय करेगा। इससे सीजेरियन डिलीवरी का ग्राफ घटाने में स्वास्थ्य विभाग को मदद मिलेगी।