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Bulandshahar News: अपनी ही दो मासूम बेटियों का गला घोंंटते हुए नहीं कांपे हाथ

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डिबाई। वो राखी बांधने ही तो आना चाहती थी.. उसे नहीं भेजना था, तो मना कर देता। लेकिन आरोपी ने मौत का तांडव मचा दिया। दरिंदे के हाथ अपनी ही मासूम बच्चियों का गला दबाते हुए भी नहीं कांपे। राखी वाले दिन ही आरोपी ने तीनों को मौत के घाट उतार दिया, मृतका के तीनों भाईयों की कलाई सूनी कर दीं। ये बातें रविवार को डिबाई के गांव औरंगाबाद कसेर निवासी अतर सिंह ने फफकते हुए कहीं। उन्होंने बताया कि दिल्ली के करावल नगर थाने में उन्होंने अपनी बेटी जयश्री और दोनों धेवेती रशिका (7) व अंटू (5) की हत्या मामले में आरोपी पति समेत छह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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दिल्ली के करावल नगर थाना क्षेत्र की शहीद भगत सिंह काॅलोनी निवासी 28 वर्षीय महिला जयश्री और उसकी दो मासूम बेटियों रशिका व अंटू की गला दबाकर हत्या कर दी गई। मृतका का मायका डिबाई के गांव औरंगाबाद कसेर में है। मायके पक्ष को शनिवार सुबह रक्षाबंधन वाले दिन इस बात की जानकारी हुई। मृतका के भाई चंद्रभान सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह उनके बहनोई प्रदीप के मौसा जसवंत ने उन्हें कॉल पर हत्या की जानकारी दी थी।
पुलिस ने वारदात के बाद आरोपी पति प्रदीप कश्यप (29) को गिरफ्तार कर लिया है, वह आजादपुर मंडी में फलों का काम करता है और शराब पीने व जुआ खेलने का आदी था। वहीं, मृतका के पिता अतर सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री जयश्री की शादी 6 जून 2017 को प्रदीप सिंह निवासी गांव सियारली थाना अहमदगढ़ के साथ दान दहेज के साथ की थी। शादी से पहले ही प्रदीप का परिवार दिल्ली में अपने मकान में रहता था। उन्होंने बताया कि उन्होंने करावल नगर थाने में आरोपी पति प्रदीप कश्यप, उसका भाई सेठी व पत्नी राधा और दूसरा भाई पूरन व पत्नी मंजू और सास के खिलाफ तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं, वारदात के बाद गांव में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। देर शाम तक तीनों के शव गांव पहुंचने की उम्मीद है।
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दवा लेने बीस दिन पहले आयी थी गांव-
अतर सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी रानी घरेलू महिला है। दो पुत्र चंद्रभान (35) व सूरज (28) विवाहित हैं और परिवार सहित दिल्ली में सिलाई का काम करते है और तीसरा पुत्र रूपेंद्र (18) नोएडा में प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हैं। उनकी एक मात्र पुत्री जयश्री थी। बीते कुछ दिनों से वह बीमार थी, इसी के चलते दवा लेने के लिए करीब बीस दिन पहले अपने दोनों बच्चों के साथ गांव आई थी और दो दिन गांव में रहकर गई थी।
रक्षाबंधन पर सुबह आ रही हूं पापा
मृतका के पिता ने बताया कि शुक्रवार रात करीब नौ बजे जयश्री ने उन्हें फोन किया था, जिस पर उसने बताया था कि वह रक्षाबंधन पर्व के चलते सुबह गांव आ रही है। तीनों पुत्र व उनका परिवार गांव आ चुके थे। बस त्यौहार मनाने की तैयारी और जयश्री का इंतजार हो रहा था, तभी उसकी हत्या की खबर आ गई।
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