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Bulandshahar News: सरकारी चिकित्सालयों में बाल रोग विशेषज्ञ की कमी, बच्चों को लेकर लगाते हैं दौड़

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जिला महिला चिकित्सालय की ओपीडी में बच्चों को परामर्श देते विशेषज्ञ। संवाद
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बुलंदशहर। जिले के सरकारी चिकित्सालयों में बाल रोग विशेषज्ञों की कमी चल रही है। जिलेभर के छह चिकित्सालयों को छोड़ अन्य सरकारी चिकित्सालयों में बाल रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं हैं। बाल रोग विशेषज्ञ न होने पर परिजनों को बच्चों संग दूर-दराज से जिला महिला चिकित्सालय या निजी अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है।
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परिजन बच्चों को लेकर सरकारी चिकित्सालय पहुंचते हैं तो उन्हें जिला महिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया जाता है। जिले में सिर्फ जिला महिला चिकित्सालय, संयुक्त चिकित्सालय सिकंदराबाद और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिकारपुर, स्याना, अनूपशहर व डिबाई पर बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती है। ऐसे में सभी जगह बच्चों को भर्ती करने की जगह ओपीडी में अन्य विशेषज्ञ द्वारा परामर्श देने के बाद घर भेज दिया जाता है।
इससे परिजनों को निजी क्लीनिक पर जाकर बच्चों को दिखाना पड़ रहा है। वहीं, प्रसव के बाद नवजातों में कुछ ऐसे भी होते हैं, जिनमें वजन कम होने, खून की कमी, सांस लेने में परेशानी या अन्य तरह की परेशानी है। ऐसे नवजातों को तत्काल बेहतर इलाज की जरूरत होती है। विशेषज्ञ की कमी होने पर नवजात को लेकर अन्य स्थानों पर जाना पड़ता है।
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बुधवार को जिला महिला चिकित्सालय बच्चे को लेकर आए सालिम ने बताया कि बेटे को खून की कमी होने पर लेकर आया हूं। एक अन्य परिजन नौशाद ने कहा कि छोटे भाई की पत्नी ने एक सप्ताह पूर्व बच्ची को जन्म दिया है। उसे दिखाने के लिए करीब 40 किमी दूर से आना पड़ा।

तीन बड़े चिकित्सालय, नौ सीएचसी व 61 पीएचसी पर नहीं विशेषज्ञ
जिले में जटिया चिकित्सालय खुर्जा, महिला चिकित्सालय खुर्जा व 100 बेड राजकीय चिकित्सालय डिबाई आदि बड़े चिकित्सालय हैं। इसके अलावा पहासू, दानपुर, लखावटी, ऊंचागांव, बीबीनगर, अगौता, जहांगीराबाद, गुलावठी, मुनी आदि में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। खानपुर, नरौरा, अहमदगढ़, कसेरकलां, बुगरासी, छतारी व अहार आदि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समेत 61 पीएचसी पर एक भी बाल रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं हैं। जिले की आबादी 40 लाख से अधिक है। इसमें शून्य से 15 साल तक के करीब 10 लाख बच्चे व किशोर शामिल हैं।

तैनाती के बाद भी दो से तीन दिन मिल रही सुविधा
डिबाई सीएचसी पर बाल रोग विशेषज्ञ केवल बुधवार, शुक्रवार, शनिवार को ओपीडी में रहते हैं। स्याना सीएचसी पर सप्ताह में सिर्फ बृहस्पतिवार व शुक्रवार को बैठते हैं। शिकारपुर सीएचसी में सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को सेवाएं मिलती हैं। अनूपशहर सीएचसी पर बुधवार व शुक्रवार को सेवाएं मिलती हैं।

कोट
जिले में बाल रोग विशेषज्ञ समेत अन्य विशेषज्ञों की कमी चल रही है। अन्य विशेषज्ञ ही बच्चों का इलाज कर रहे हैं। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द जिले में बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती हो। - डॉ. सुनील कुमार दोहरे, सीएमओ
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