एनआरईसी कॉलेज के114वें स्थापना दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि सूबे के राज्यपाल राम नाईक ने युवाओं को किताबी कीड़ा न बन कर प्रैक्टिकल बनने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में भारत में जनक्रांति हुई। नरेंद्र मोदी हाथों में सरकार ने युवाओं का कौशल बढ़ाने का काम किया है।
राज्यपाल ने व्यक्तित्व के विकास के लिए विद्यार्थियों को चार मंत्र बताए। उन्होंने कहा कि पहला मंत्र हमेशा मुस्कराते रहो, दूसरा अच्छा कहना सीखो, तीसरा किसी की अवमानना मत करो और चौथा जो अब तक अच्छा किया उससे और अच्छा करने की कोशिश करो।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की विश्वविद्यालयों की जांच करने वाले संगठन नेट ने एनआरईसी कॉलेज को ए ग्रेड का दर्जा दिया है। इस महाविद्यालय को टॉप टेन में शामिल किया गया है। इस मौके पर उन्होंने नवनिर्मित बीएन छात्रावास का उद्घाटन किया।
अकादमिक गतिविधियों पर आधारित पुस्तक किंग मिरर, शोध पत्रिका जनरल ऑफ ह्यूमिनटीज, प्रोफेसर डॉ भद्रपाल सिंह की काव्य रचना वृद्ध पथिक और प्राचार्य केडी शर्मा की रचना भारत का प्राचीन इतिहास का विमोचन किया। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यपाल राम नाईक , केंद्रीय मंत्री डॉ महेश शर्मा, सीसीयू मेरठ के कुलपति एनके तनेजा, सांसद डॉ भोला सिंह और महाविद्यालय के सचिव सुधीर गोविल ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
कार्यक्रम में सांसद डॉ भोला सिंह, केंद्रीय मंत्री डॉ महेश शर्मा, प्राचार्य केडी शर्मा, पूर्व मंत्री वीरेन्द्र सिंह सिरोही, हरपाल सिंह, डॉ मोहनलाल, गोपाल वैद्य, प्रवीन भाटी, विजेन्द्र खटिक, पूर्व विधायक होराम सिंह, डाक्टर लॉरी आजाद, इरशाद मौहम्मद खान, डॉ भूपेंद्र, डॉ शरद मौजूद रहे।