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गोपाल हत्याकांड : पत्नी-सास को पीटने पर ससुर और साले ने की थी हत्या

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गोपाल हत्याकांड : पत्नी-सास को पीटने पर ससुर और साले ने की थी हत्या
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बुलंदशहर। डिबाई कोतवाली क्षेत्र में बीते दिनों हुए गोपाल हत्याकांड का पुलिस ने सोमवार को राजफाश कर दिया। पुलिस ने मृतक के ससुर व साले को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि गोपाल अपनी पत्नी के साथ अमर्यादित व्यवहार कर मारपीट करता था। उसने सास पर भी जानलेवा हमला कर दिया था। इसी के चलते उसे शराब पिलाकर उसकी हत्या कर दी। एक आरोपी अभी फरार है।
24 मई को गांव रल्ला थाना डिबाई निवासी गोपाल का सिर कटा शव अलीगढ़ के थाना अतरौली क्षेत्र के जादोंपुर बंबे के पास मिला था। अगले दिन 25 मई को उसका सिर थाना डिबाई क्षेत्र के ग्राम बामनी के जंगल में मिला था। घटना के संबंध में गोपाल के ममेरे भाई अरविंद कुमार ने उसकी पत्नी लक्ष्मी देवी व अन्य अज्ञात के खिलाफ डिबाई कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की छानबीन में सामने आया कि गोपाल के ससुर होराम सिंह, साले ब्रजेश कुमार और ससुरालियों के एक रिश्तेदार अहमदगढ़ क्षेत्र के मुरादनगर गांव निवासी विजय सिंह ने वारदात को अंजाम दिया है।
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पुलिस ने सोमवार को बामनी गांव निवासी ससुर होराम सिंह व साले बृजेश को पंचमुखी चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि गोपाल अत्यधिक शराब पीकर अपनी पत्नी लक्ष्मी के साथ अमानवीय व्यवहार और काफी मारपीट करता था। उसे कई बार समझाया गया लेकिन वह नहीं माना। शराब पीकर ससुर को भी अपमानित करने लगा। बेटी लक्ष्मी की देखभाल करने मां गोपाल के घर गई थी। गोपाल ने उनके साथ भी मारपीट की।
23 मई को बामनी में सगाई कार्यक्रम था, जिसमें गोपाल भी आया था। होराम सिंह का बहनोई विजय सिंह भी था। सभी लोगों ने रात में शराब पी। गोपाल को ज्यादा शराब पिला दी गई। नशे में गोपाल ससुर के साथ मारपीट करने लगा। गाली गलौज करता हुआ खेतों की तरफ भाग गया। होराम, बृजेश और विजय सिंह भी उसके पीछे-पीछे भागे। भागते हुए जब गोपाल खेत में गिर गया तो तीनों ने दरांती से गर्दन काटकर उसकी हत्या कर दी। सिर को वहीं गड्ढा खोदकर छिपा दिया। धड़ को जनपद अलीगढ़ के थाना अतरौली क्षेत्र दादों के पास ले जाकर बंबे में फेंक दिया था।
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शव को मगरमच्छों का निवाला बनाना चाहते थे आरोपी
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि गोपाल की हत्या के बाद वे उसके शव को एक बोरे में बंदकर अतरौली क्षेत्र में ले गए। उन्हें जानकारी थी कि अतरौली के निकट बियर फैक्टरी के पास काली नदी में काफी मगरमच्छ हैं, जो झट से शव को निगल लेते हैं। इसी के चलते उन्होंने गोपाल के शव को वहां ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी। रास्ते में पुलिस की गाड़ी का सायरन सुनकर वह शव को रजवाहे के किनारे फेंककर भाग आए।
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